
रायगढ़/खरसिया, 29 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में धान खरीदी केंद्रों पर टोकन प्रणाली की खामी ने एक बार फिर किसानों को गहरे संकट में डाल दिया है। ग्राम बकेली के निवासी किसान कृष्ण कुमार गबेल ने टोकन न मिलने से उत्पन्न मानसिक तनाव और हताशा के कारण आत्महत्या का प्रयास कर लिया।
परिवार वालों ने उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और इलाज जारी है।
घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी रोष और आक्रोश फैल गया है। किसानों का एकमत आरोप है कि इस सीजन में ‘तुंहर हाथ टोकन’ ऐप और ऑफलाइन व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई है। कई किसान हफ्तों से समितियों, पोर्टल और च्वाइस सेंटरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन टोकन नहीं मिल पा रहा। इससे धान बेचने में लगातार देरी हो रही है, जिसके कारण आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही एसडीएम और तहसीलदार तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल किसान को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और उन्हें सिविल अस्पताल में शिफ्ट कराया गया है। वहां डॉ. मिथलेश साहू की अगुवाई वाली मेडिकल टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर माना जा रहा है, हालांकि निगरानी जारी है।
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन के दौरान टोकन व्यवस्था को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में किसानों को ऑनलाइन स्लॉट मिलने में दिक्कत, बारदाने की कमी और अन्य तकनीकी खामियों की वजह से परेशानी हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर सरकार की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय किसान संगठनों ने मांग की है कि तुरंत टोकन जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, सभी पंजीकृत किसानों को प्राथमिकता पर टोकन दिया जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
किसानों से अपील — यदि आपको टोकन संबंधी कोई समस्या आ रही है, तो तुरंत स्थानीय कृषि विभाग या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
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