
छत्तीसगढ़, 29 दिसंबर 2025 – केंद्र सरकार के केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में 2022 के संशोधन (Rule 55A) के तहत 1 अप्रैल 2023 से सेकंड हैंड (पुराने) वाहनों की खरीद-बिक्री ट्रेड सर्टिफिकेट (अधिकृत डीलर प्रमाणपत्र) वाले डीलरों के माध्यम से ही वैध है। बिना इस सर्टिफिकेट के कारोबार करना पूरी तरह अवैध है।
छत्तीसगढ़ में कई डीलर एग्रीमेंट कर गाड़ी सौंप देते हैं, पैसे ले लेते हैं, लेकिन RC ट्रांसफर नहीं कराते। ग्राहक कॉल करने पर जवाब नहीं मिलता, चालान पुराने मालिक/खरीदार के नाम आते हैं, पुलिस पूछताछ होती है – इससे लाखों लोग ठगे जा रहे हैं।
- डीलरों पर कानूनी शिकंजा कसने के प्रावधान
Motor Vehicles Act, 1988 की धारा 192 के तहत बिना ट्रेड सर्टिफिकेट/अधिकृत प्रमाणपत्र के वाहन बेचने पर जुर्माना, वाहन जब्ती और लाइसेंस निरस्तीकरण तक की सजा।
Rule 55A के तहत बिना Authorization Certificate के सेकंड हैंड डीलर कारोबार नहीं कर सकता – 5 साल तक वैध प्रमाणपत्र अनिवार्य।
देशभर में सख्ती: महाराष्ट्र में 2025 में 36 डीलरों पर कार्रवाई, 34 वाहन जब्त; केरल में 31 मार्च 2025 तक समयसीमा के बाद जब्ती शुरू; दिल्ली HC में PIL पर क्रियान्वयन की कमी पर सवाल।
छत्तीसगढ़ में विभाग (cgtransport.gov.in) नियम अपनाए हुए है, लेकिन बड़े अभियान की कमी से समस्या बनी हुई। पड़ोसी मध्य प्रदेश में दिसंबर 2025 में बैठक कर ट्रेड सर्टिफिकेट अनिवार्य किया।
- डीलरों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई कैसे हो सकती है?
- धोखाधड़ी के लिए FIR – भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 के तहत पुलिस में शिकायत।
- RTO शिकायत – लिखित आवेदन पर जांच, डीलर का प्रमाणपत्र निरस्त करने की सिफारिश।
- वाहन जब्ती – अवैध कारोबार पर RTO द्वारा सीधे जब्ती।
- कोर्ट का रास्ता – सिविल/कंज्यूमर कोर्ट में मुकदमा, पैसे वापसी और मुआवजा।
- ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
- केवल ट्रेड सर्टिफिकेट वाले अधिकृत डीलर से डील करें (Parivahan पोर्टल पर चेक करें)।
- खरीद से पहले parivahan.gov.in पर RC स्टेटस, चालान, फिटनेस चेक करें।
- एग्रीमेंट के साथ नोटरीकृत सेल डीड लें, RC ट्रांसफर 30 दिनों में अनिवार्य।
- ठगी होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस + RTO में शिकायत दर्ज करें।
परिवहन विभाग को अब राज्यव्यापी अभियान चलाकर बिना सर्टिफिकेट वाले डीलरों पर सख्ती बरतनी चाहिए – ताकि ग्राहकों की लूट रुके और पारदर्शिता आए। यदि आपके साथ ऐसा हुआ है, तो हमें बताएं – हम आगे जांच कर रिपोर्ट करेंगे। सुरक्षित रहें, कानूनी जोखिम से बचें!








