
कोरबा, 3 फरवरी 2026: बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग ने कोरबा जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण क्राइम मीटिंग की, जिसमें कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए गए। मीटिंग के बाद आईजी ने चोरी वाहनों की तलाश के लिए विकसित ‘सशक्त मोबाइल ऐप’ का विमोचन किया, जो तकनीक के दम पर पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय कोरबा के सभाकक्ष में आयोजित इस मीटिंग में पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिद्धार्थ तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कोरबा लखन पटले, एएसपी कटघोरा नीतिश ठाकुर सहित जिले के तीनों अनुभागों के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी और सभी थाना-चौकी प्रभारी मौजूद रहे। मीटिंग का मुख्य फोकस अपराध नियंत्रण और जन-केंद्रित पुलिसिंग पर रहा।
आईजी गर्ग ने अधिकारियों को बीट सिस्टम को अधिक सुचारू और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेष रूप से चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों के मामलों में घटना के दिन ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने पर जोर दिया गया। साथ ही, इन अपराधों की त्वरित विवेचना (जांच) सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
थाना प्रभारियों को खुद शिकायतकर्ताओं से बात करके एफआईआर दर्ज करने का सख्त निर्देश दिया गया। आईजी ने संगठित गिरोहों द्वारा किए जाने वाले अपराधों में संगठित अपराध की धारा जोड़ने पर भी बल दिया, ताकि अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। इन दिशा-निर्देशों से जिले में अपराध दर को कम करने और पुलिस की पहुंच को मजबूत बनाने की उम्मीद है।
मीटिंग के ठीक बाद आईजी गर्ग ने ‘सशक्त मोबाइल ऐप’ का औपचारिक विमोचन किया। यह ऐप कोरबा पुलिस द्वारा चोरी हो चुके वाहनों की पतासाजी (खोज) के लिए तैयार किया गया है। आईजी ने बताया कि यह ऐप जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। ऐप के जरिए लावारिस खड़ी मोटरसाइकिलों और वाहनों की आसानी से सर्च की जा सकती है, जिससे चोरी वाहनों की पहचान और बरामदगी में बड़ी सहायता मिलेगी।
तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए आईजी ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी-कर्मचारी इसका नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, “आधुनिक तकनीक पुलिसिंग को न केवल तेज बल्कि पारदर्शी और जनोन्मुखी भी बनाएगी। कोरबा पुलिस भविष्य में भी ऐसे नवाचारों को अपनाते हुए अपराधों पर लगाम लगाएगी।”
इस पहल से स्थानीय नागरिकों में उत्साह है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐप के लॉन्च से चोरी के मामलों में जांच की गति 30-40 प्रतिशत बढ़ सकती है। कोरबा पुलिस ने वादा किया है कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।








