
कोरबा, 8 फरवरी 2026: कोरबा जिले में अपराधों की जड़ें काटने और नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस ने ‘सजग कोरबा’ अभियान को नई गति दी है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चल रहे इस अभियान के तहत बैंकों, एटीएम और वित्तीय संस्थानों में छत्तीसगढ़ी भाषा के जागरूकता पैंपलेट चस्पा किए गए हैं। साथ ही, ऑडियो संदेशों के जरिए भी लोगों को लूट, ठगी और चोरी जैसी घटनाओं से बचाव के उपाय बता रहे हैं।
जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी के मार्गदर्शन में यह विशेष पहल शुरू की गई है। कोरबा पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों को सतर्क बनाना ही अपराधों पर सबसे बड़ा अंकुश है। अभियान का मुख्य फोकस बैंकिंग लेन-देन के दौरान सावधानी बरतना है, जहां संदिग्ध तत्वों की सक्रियता ज्यादा देखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ी में सरल संदेश, आसान समझ
पुलिस ने स्थानीय भाषा का सहारा लेकर जागरूकता को और प्रभावी बनाया है। पैंपलेट्स में दिए गए प्रमुख टिप्स इस प्रकार हैं:
- बैंक ले पैसा निकाले बखत अकेल्ला मत जावव, 3–4 भरोसेमंद आदमी संग जावव। (बैंक से पैसे निकालते समय अकेले न जाएं, 3-4 भरोसेमंद लोगों के साथ जाएं।)
- कोनो अनजान आदमी के बात-बुता मं मत आवव। (किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं।)
- पैसा निकाले के बाद रद्दा मं कहीं घलोक मत रुकव। (पैसे निकालने के बाद सड़क पर कहीं न रुकें।)
- पैसा ला गाड़ी के डिक्की या डैशबोर्ड मं मत रखव। (पैसे को गाड़ी की डिक्की या डैशबोर्ड में न रखें।)
- पैसा ला लापरवाही से गाड़ी मं छोड़ के मत जावव। (पैसे को लापरवाही से गाड़ी में छोड़कर न जाएं।)
- बैंक या एटीएम के आसपास संदिग्ध आदमी दिखे त तुरते पुलिस ला खबर करव। (बैंक या एटीएम के आसपास संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।)
- पैसा लेके सुनसान रद्दा मं जाय ले बचव। (पैसे लेकर सुनसान सड़क से बचें।)
ये संदेश न केवल सरल हैं, बल्कि स्थानीय बोली में होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों तक आसानी से पहुंच रहे हैं।
ऑडियो संदेशों से घर-घर गूंज रही अपील
पैंपलेट्स के अलावा, कोरबा पुलिस माइक और लाउडस्पीकर के जरिए बैंक परिसरों और आसपास के इलाकों में लगातार जागरूकता फैला रही है। इन संदेशों में नागरिकों को सुरक्षित बैंकिंग के तरीके, संदिग्धों से दूरी और असामान्य गतिविधियों की तुरंत रिपोर्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि ऐसी छोटी-छोटी सतर्कताएं बड़े हादसों को रोक सकती हैं।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कहा, “अपराधी मौके का फायदा उठाते हैं, लेकिन सजग नागरिक ही उनकी सबसे बड़ी बाधा हैं। हमारा अभियान इसी दिशा में एक कदम है।” उन्होंने अपील की कि लोग न केवल खुद सतर्क रहें, बल्कि परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों को भी जागरूक करें।
तत्काल सूचना दें, अपराध रोकें
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से विशेष अनुरोध किया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें। “समय रहते सूचना मिल जाए तो अपराध को जड़ से रोका जा सकता है,” पुलिस ने कहा।
यह अभियान कोरबा को अपराध-मुक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, जो स्थानीय भाषा और तकनीक के मेल से लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। जिले के निवासियों ने भी इस पहल की सराहना की है और कहा है कि इससे वे अधिक सशक्त महसूस कर रहे हैं।








