
रायपुर, 8 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग के लाभांडी स्थित भवन की तीसरी मंजिल पर लगी आग को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार का ‘भ्रष्टाचार छिपाने का षड्यंत्र’ करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि विभागीय ऑडिट से पहले महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नष्ट करने के इरादे से यह आग लगाई गई, ताकि शराब घोटाले के सबूत मिट जाएं। ठाकुर ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार के दो साल के शासनकाल में आबकारी विभाग में बेहिसाब शराब घोटाला हुआ है। इसमें मिलावटी शराब का प्रसार, खराब गुणवत्ता वाली शराब की सप्लाई, प्लेसमेंट कंपनियों में गड़बड़ियां और राजस्व की भारी चोरी शामिल है। “ये सभी अनियमितताएं ऑडिट में जनता के सामने उजागर होतीं, इसलिए ऑडिट से ठीक पहले आग लगा दी गई। दस्तावेज जलकर खाक हो गए और भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूत नष्ट हो गए। यह एक गंभीर मामला है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है,” ठाकुर ने कहा।
‘हर विभाग में गड़बड़ियां, आगजनी का सिलसिला’
ठाकुर ने डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हर विभाग में भारी अनियमितताएं हो रही हैं और इन्हें छिपाने के लिए आगजनी की घटनाओं का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने हालिया उदाहरणों का हवाला दिया:
रायपुर डीईओ कार्यालय में आग: कुछ दिन पहले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में लगी आग में महत्वपूर्ण दस्तावेज नष्ट हो गए थे।
गुड़ीयारी बिजली विभाग का मामला: इससे पहले गुड़ीयारी में बिजली विभाग का करोड़ों रुपये का ट्रांसफॉर्मर जलकर खाक हो गया था। इसकी जांच रिपोर्ट संदिग्ध बताई गई, लेकिन जिम्मेदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
“अब आबकारी विभाग में भी यही सिलसिला। ये सभी घटनाएं ऑडिट से ठीक पहले हो रही हैं। दुर्घटना बताकर भ्रष्टाचार के सबूत मिटाए जा रहे हैं,” ठाकुर ने कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि साल के अंत में होने वाले विभागीय ऑडिट की जानकारी विधानसभा के बजट सत्र में रखी जाती है। ऐसे में गड़बड़ियों पर पर्दा डालने के लिए शॉर्ट सर्किट का बहाना बनाकर जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है।
‘शराब की काली कमाई और सरकारी दफ्तरों में आग’
कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा सरकार पर शराब के कारोबार से ‘काली कमाई’ करने का भी आरोप लगाया। “भाजपा सरकार शराब की कमाई से मुनाफा कमा रही है और सरकारी दफ्तरों में आग लगवा रही है ताकि सच्चाई दब जाए। यह षड्यंत्र जनता को गुमराह करने का है,” उन्होंने कहा। ठाकुर ने मांग की है कि इन घटनाओं की स्वतंत्र और उच्च स्तरीय जांच हो, जिसमें सभी संदिग्ध पहलुओं की पड़ताल की जाए।
आबकारी भवन में लगी आग की घटना के बाद विभाग ने इसे शॉर्ट सर्किट बताया है, लेकिन विपक्ष इसे संदिग्ध मान रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जांच नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है, खासकर बजट सत्र से पहले।








