
**कोरबा, 29 जनवरी 2026:** छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आगामी दो दिवसीय **पाली महोत्सव** की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। जिला कलेक्टर **कुणाल दुदावत** ने आज पाली विकासखंड के ग्राम **केराझरिया** में महोत्सव स्थल का व्यक्तिगत निरीक्षण किया और विभिन्न नोडल अधिकारियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर समग्र व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
यह महोत्सव **15 एवं 16 फरवरी 2026** को आयोजित होने वाला है, जिसमें छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक नृत्य, संगीत, हस्तशिल्प और पारंपरिक प्रदर्शनियों का भव्य आयोजन होगा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होने वाला यह उत्सव स्थानीय कलाकारों, स्वसहायता समूहों और जनजातीय समुदाय की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रमुख मंच बनता है।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रमुख व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया:
- – **मंच एवं बैठक व्यवस्था**: मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैरिकेडिंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंच पर प्रस्तुतियों के लिए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए।
- – **पार्किंग, वीआईपी बैठक और विभागीय स्टॉल**: हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए पार्किंग, वीआईपी क्षेत्र और विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉल की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
- – **पेयजल, शौचालय और कलाकारों की ठहरने की व्यवस्था**: पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता, स्वच्छ शौचालयों की व्यवस्था तथा कलाकारों के लिए ठहरने की उचित सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- – **प्रवेश पास और सुरक्षा व्यवस्था**: प्रवेश प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए पास व्यवस्था की समीक्षा की। साथ ही सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
- – **आपातकालीन तैयारियां**: संभावित वीआईपी आगमन के लिए हेलीपैड की तैयारी की जानकारी ली। आपात स्थिति में एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन और चिकित्सा सुविधाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
इस निरीक्षण के दौरान **नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय**, **जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग**, **एसडीएम रोहित सिंह** सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को महोत्सव को सफल, सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए पूर्ण समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।
पाली महोत्सव छत्तीसगढ़ की आदिवासी और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। जिला प्रशासन की ओर से सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने का दावा किया जा रहा है।
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