
कोरबा, 9 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बसा पाली, जिसे ‘शिव की नगरी’ के नाम से जाना जाता है, महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर एक बार फिर भक्ति और आस्था के केंद्र में तब्दील होने वाला है। नगर पंचायत पाली द्वारा आयोजित पारंपरिक महाशिवरात्रि मेला इस वर्ष 15 फरवरी से 1 मार्च तक चलेगा, जिसमें प्रदेश-देश भर से लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजन के लिए उमड़ेंगे।
पाली का ऐतिहासिक प्राचीन शिव मंदिर पुरातात्विक और धार्मिक महत्व का केंद्र है, जहां शिव भक्तों की गहरी श्रद्धा जुड़ी हुई है। महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि से ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो जाता है, जो अगले दिन देर शाम तक अनवरत चलता रहता है। मेले के दौरान श्रद्धालु न केवल दर्शन-पूजन करते हैं, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी और मनोरंजन का भी आनंद लेते हैं।
नगर पंचायत ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले परिसर में दुकानें, स्टॉल, झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आकर्षक गतिविधियों के लिए जगह चिन्हित कर ली है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, ताकि यह मेला सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य हो।
इसके साथ ही, पिछले एक दशक से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित पाली महोत्सव इस उत्सव की भव्यता में चार चांद लगा रहा है। इस वर्ष दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 15 और 16 फरवरी को केराझरिया रोड स्थित स्थायी महोत्सव स्थल पर होगा। महोत्सव में छत्तीसगढ़ की आदिवासी कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्य आकर्षण रहेगा बॉलीवुड और छत्तीसगढ़ी (छालीवुड) के प्रसिद्ध कलाकारों के सांस्कृतिक कार्यक्रम, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों की बैठकें हो चुकी हैं और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कलाकारों के लिए रुचि पत्र 10 फरवरी तक आमंत्रित किए गए थे।
पाली महोत्सव न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम भी बन चुका है। पिछले वर्षों की सफलता को देखते हुए इस बार भी भारी भीड़ की उम्मीद है।
शिव भक्तों के लिए यह अवसर है भोलेनाथ के आशीर्वाद प्राप्त करने का। हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठेगी ‘शिव की नगरी’ पाली! यदि आप भी इस भक्ति के सैलाब में शामिल होना चाहते हैं, तो 15 फरवरी से अपनी यात्रा की योजना बना लीजिए।








