
कटघोरा (कोरबा, छत्तीसगढ़), 26 जनवरी 2026— छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बसी कोलिहामुडा ग्राम पंचायत ने आज देश के **77वें गणतंत्र दिवस** को पहली बार इतने भव्य, ऐतिहासिक और उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया कि पूरा गांव देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव से सराबोर हो उठा। जहां पहले यह आयोजन सामान्य रूप से होता था, वहीं इस बार बड़े पैमाने पर आयोजित समारोह ने स्थानीय स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया।
समारोह की अध्यक्षता सरपंच उर्मिला राजेंद्र कंवर ने की। उप-सरपंच पुष्पा सतपाल सिंह कंवर सहित पूरी पंचायत टीम सम्मानीय पंचगण राजेंद्र बघेल, परमजीत यादव, अमित बघेल, इंदिरा देवी कंवर, देवसाय टांडिया, पवन कुमार कंवर ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी रही, जिनमें शामिल थे—छतर सिंह कंवर, इंद्रपाल सिंह कंवर, रामायण सिंह कंवर गवाटीया, राधेलाल टांडिया, चंद्रिका प्रसाद टांडिया, ईश्वर प्रसाद बघेल, अनिल कुमार बघेल, दिनेश कुमार चौहान, कयाराम निर्मलकर, गांव के बुजुर्गों के आशीर्वाद और सामूहिक सहयोग से यह उत्सव पूर्णतः सफल और अविस्मरणीय बन गया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण रहा नारायण सिंह बघेल (छत्तीसगढ़ की धड़कन )और उनकी पूरी टीम द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कलाएं। पंथी नृत्य की आध्यात्मिक ऊर्जा, सुआ नृत्य की कोमल मधुरता और बार नृत्य की जीवंत छटा के साथ देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन नृत्यों ने न केवल ग्रामीण वातावरण को रंग-बिरंगा बना दिया, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पर्व के मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित भी किया।
- यह आयोजन ग्राम पंचायत के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। स्थानीय युवा, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे कार्यक्रम में और अधिक जीवंतता आई। सरपंच उर्मिला राजेंद्र कंवर ने भावुक होकर कहा, “यह उत्सव महज एक समारोह नहीं, बल्कि हमारी एकता, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का जीता-जागता प्रतीक है। यह हमें राष्ट्र निर्माण में और अधिक योगदान देने की प्रेरणा देता है।”
- उप-सरपंच पुष्पा सतपाल सिंह कंवर ने मंच को सम्बोधित करते हुए कहा, “यह महज गणतंत्र दिवस का उत्सव नहीं, हमारी आत्मा की पुकार है, हमारी विरासत की रक्षा का संकल्प है। आज मेरे दिल में बस एक ही भावना है—हमारा देश, हमारा छत्तीसगढ़, हमारा गांव… सब कुछ सुरक्षित और गौरवपूर्ण रहे, इसके लिए हम सब कुछ न्योछावर करने को तैयार हैं।”
कोलिहामुडा के इस भव्य गणतंत्र दिवस समारोह ने सिद्ध कर दिया कि छोटे-छोटे गांव भी बड़े जोश, परंपराओं और सामूहिक प्रयासों से राष्ट्र के महान पर्व को यादगार बना सकते हैं। पूरा गांव आज गर्व और खुशी से लबरेज है!
**जय हिंद! जय छत्तीसगढ़!** 🇮🇳🇮🇳









