
नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026: आज रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट भाषण का प्रसारण सुबह 11 बजे से शुरू होगा, जो आम जनता से लेकर निवेशकों तक सभी के लिए अहम साबित होने जा रहा है। संसद का मौजूदा सत्र 28 जनवरी से चल रहा है और इसे दो चरणों में विभाजित किया गया है—पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित होगा।
इस बार का बजट विशेष रूप से महंगाई से जूझ रही आम जनता के लिए राहत पैकेज लेकर आ सकता है। विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों की नजरें किसानों, युवाओं, महिलाओं, छोटे-मध्यम व्यापारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए नई योजनाओं और घोषणाओं पर टिकी हुई हैं। इन उपायों से न केवल आर्थिक गतिविधियों में रफ्तार आएगी, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, एमएसएमई और रोजगार जैसे सेक्टरों को मजबूत धक्का मिलेगा।
बजट के दौरान सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं का खुलासा होगा, जिसमें नए निवेश, विकास परियोजनाएं और सामाजिक कल्याण योजनाएं शामिल हैं। साथ ही, आयकर स्लैब में संभावित बदलाव, जीएसटी में सुधार और अन्य आर्थिक नीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर भी मुहर लग सकती है। यह बजट न केवल आने वाले वित्तीय वर्ष की आर्थिक दिशा तय करेगा, बल्कि देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा।
लाइव अपडेट्स: कहां देखें बजट 2026?
बजट की हर घोषणा को रीयल-टाइम में ट्रैक करने के लिए दर्शक संसद के आधिकारिक चैनल Sansad TV और दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण देख सकते हैं। इसके अलावा, भारत सरकार के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी पूर्ण कवरेज उपलब्ध होगी। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए सीधे जुड़ें, ताकि कोई महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए।
बजट का व्यापक प्रभाव
यह बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती का आईना होगा। निवेशकों के लिए यह स्टॉक मार्केट और सेक्टरल ग्रोथ का संकेत देगा, जबकि आम नागरिकों के लिए रोजगार सृजन और जीवन स्तर सुधार के नए अवसर खोलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप यह बजट सतत विकास पर जोर देगा।
बजट पेश होने के बाद इसके प्रभावों पर नजर रखना जरूरी होगा। क्या यह महंगाई को काबू करने में सफल होगा? या नई योजनाएं कैसे लागू होंगी? ये सवाल समय के साथ ही स्पष्ट होंगे। फिलहाल, सभी की निगाहें सुबह 11 बजे के भाषण पर हैं।

बजट 2026: महंगाई से राहत








