
कोरबा, 3 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कोरबा दौरे के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का स्वागत करने की बजाय उनके खिलाफ नारेबाजी की और उन्हें घेरने की कोशिश की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को रास्ते में ही गिरफ्तार कर लिया। यह घटना तब हुई जब मुख्यमंत्री जिला भाजपा के नए कार्यालय भवन का भूमिपूजन करने कोरबा पहुंचे थे।
जिला कांग्रेस कार्यालय से निकलते ही युवा कांग्रेस के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के काफिले की दिशा में मार्च शुरू किया। वे “किसानों की मौत पर जश्न नहीं, जवाब चाहिए…”, “किसान मर रहे हैं और कोरबा जिले में भाजपा कार्यालय बनाने के लिए पैसे और भूमिपूजन? यह संवेदनहीनता नहीं तो क्या है?” जैसे नारे लगा रहे थे। उनके हाथों में इसी तरह के पोस्टर भी थे, जो किसानों की समस्याओं और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने पहले से सतर्कता बरतते हुए उन्हें घेर लिया और आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कोरबा शहर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज और ग्रामीण अध्यक्ष विकास सिंह कर रहे थे। युवा कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ता इस विरोध में शामिल हुए, जो किसानों की मौत और सरकारी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन सुरक्षा कारणों से कार्रवाई जरूरी थी। गिरफ्तारियों की सही संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक 20-25 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दौरे में भाजपा के नए कार्यालय का भूमिपूजन किया, जो जिले में पार्टी की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है। हालांकि, युवा कांग्रेस ने इसे किसानों की अनदेखी से जोड़कर विरोध जताया। राकेश पंकज ने कहा, “जब किसान संकट में हैं, तब विकास के नाम पर ऐसे कार्यक्रम संवेदनहीनता दर्शाते हैं। हमारी मांग है कि सरकार किसानों की समस्याओं पर ध्यान दे, न कि पार्टी भवनों पर।”
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के खिलाफ जरूरी प्रक्रिया के बाद रिहा किया जाएगा। युवा कांग्रेस ने इस कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” बताते हुए विरोध जारी रखने की बात कही है।
यह घटना कोरबा में राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकती है, जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से ही किसान मुद्दों पर टकराव है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे प्रदर्शन से शहर की शांति प्रभावित हो सकती है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां अपनी आवाज बुलंद करने से पीछे नहीं हट रही हैं। मुख्यमंत्री का दौरा खत्म होने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन युवा कांग्रेस ने आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।









