
रायपुर, 4 फरवरी 2026 (दैनिक खबर): छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 29 से 31 जनवरी 2026 तक रायपुर के शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय (GEC), सेजबहार में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले ने युवाओं में भारी उम्मीदें जगाई थीं। कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग ने erojgar.cg.gov.in पोर्टल पर 64,185 युवाओं के पंजीकरण के साथ 15,000+ पदों पर निजी क्षेत्र की 45+ कंपनियों द्वारा सीधी भर्ती का दावा किया था। लेकिन मेले के समापन के बाद आंकड़े निराशाजनक सामने आए हैं – केवल 1,816 युवाओं को ही नौकरी/ऑफर लेटर मिल सका।
युवाओं की शिकायतें और हकीकत
मेले में पहुंचे युवाओं ने बताया कि कई कंपनियों ने रिज्यूमे तो ले लिए, लेकिन “कुछ हफ्तों बाद संपर्क करेंगे” कहकर टाल दिया। कुछ मामलों में मौजूदा 18,000 रुपये सैलरी वाले उम्मीदवारों को 14,000 रुपये का ऑफर मिला, जबकि कई ऑफर दूरदराज के राज्यों (जैसे हरियाणा, ओडिशा) में न्यूनतम वेतन पर थे, जो व्यावहारिक नहीं थे।
एक युवा ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हमने ट्रेन/बस का खर्चा करके पहुंचे, लेकिन यहां सिर्फ फॉर्म भरवाने और रिज्यूमे जमा करने का खेल चला। असली नौकरी कहां है?” सोशल मीडिया पर युवा अपनी निराशा जाहिर कर रहे हैं, जहां मेले को “दिखावा” और “भद्दा मजाक” कहा जा रहा है।
सरकार का दावा vs वास्तविकता
मंत्री और विभाग ने इसे “रोजगार का महाकुंभ” बताया था, जहां डिजिटल एडमिट कार्ड, पारदर्शी प्रक्रिया और जिलावार शेड्यूल के साथ भर्ती होगी। लेकिन उपस्थिति कम होने और परिणामों से साफ है कि पिछले अनुभवों के कारण युवा ऐसे आयोजनों से दूरी बना रहे हैं।
यह घटना 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा के घोषणा-पत्र के वादों – जैसे लाखों सरकारी नौकरियां और शिक्षक भर्ती – की याद दिलाती है, जो अभी भी अधूरे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी से निपटने के लिए अल्पकालिक मेलों से ज्यादा दीर्घकालिक कौशल विकास, स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में तेजी जरूरी है।
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छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय रोजगार मेला








