
जांजगीर-चांपा, 5 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ तहसील कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार को सनसनीखेज कार्रवाई की। अतिरिक्त तहसीलदार करुणा आहेर और पटवारी आयुष ध्रुव को चोरभट्टी धान खरीदी केंद्र के प्रभारी से 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। दोनों अधिकारियों पर भौतिक सत्यापन और टोकन काटने की रिपोर्ट में मनमानी करने के बदले घूस लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया, जहां वकीलों और पक्षकारों की भारी भीड़ मौजूद थी।
ACB बिलासपुर के नेतृत्व में यह ट्रैप शिकायत पर आधारित था। चोरभट्टी धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी ने कुछ दिनों पहले दोनों अधिकारियों द्वारा की गई जांच के दौरान गड़बड़ी छिपाने और रिपोर्ट में हेरफेर के लिए रिश्वत की मांग की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की सत्यापन के बाद ACB ने तत्काल ट्रैप का आयोजन किया। जैसे ही दोनों ने रिश्वत की रकम ली, प्रार्थी के इशारे पर छिपी टीम ने दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ट्रैप की पूरी कार्यवाही: रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी
ACB टीम दोपहर करीब 2 बजे पामगढ़ तहसील पहुंची। अतिरिक्त तहसीलदार करुणा हैं। (जो पामगढ़ तहसील में पदस्थ हैं) और पटवारी आयुष ध्रुव ने केंद्र प्रभारी को धान खरीदी केंद्र के भौतिक सत्यापन और टोकन जारी करने की प्रक्रिया में अनियमितताओं को नजरअंदाज करने के एवज में 35 हजार रुपये मांगे थे। प्रार्थी ने ACB द्वारा दिए गए नोटों के साथ रिश्वत दी, जिसके तुरंत बाद टीम ने कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से वही सीरीज वाले नोट बरामद हुए, जिन्हें ACB ने प्रार्थी को उपलब्ध कराया था। इसके अलावा, नोटों पर लगे विशेष केमिकल से दोनों के हाथ धुलवाने पर रंगीन निशान उभर आए, जो रिश्वत लेने का पुख्ता सबूत बने। दोनों को ACB हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जल्द ही उन्हें न्यायिक रिमांड के लिए स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।
पामगढ़ तहसील परिसर में ही एसडीएम कार्यालय और व्यवहार न्यायालय स्थित होने से घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वकीलों और पक्षकारों ने कार्रवाई की तारीफ की, लेकिन साथ ही प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर सवाल भी उठाए। एक स्थानीय वकील ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ऐसी कार्रवाइयां भ्रष्टाचार पर लगाम लगाती हैं, लेकिन सिस्टम में सुधार की जरूरत है।”
ACB की त्वरित कार्रवाई से आमजन में सराहना
यह कार्रवाई ACB बिलासपुर के प्रमुख अजितेश सिंह के नेतृत्व में की गई। हाल के दिनों में ACB ने रिश्वतखोरी की शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए कई अधिकारियों को जेल भेजा है। स्थानीय निवासियों और किसानों ने ACB के प्रयासों की सराहना की है, खासकर धान खरीदी सीजन में जहां भ्रष्टाचार की शिकायतें आम हैं। एक किसान ने बताया, “धान उपार्जन में पारदर्शिता जरूरी है। ACB की यह कार्रवाई सबके लिए चेतावनी है।”
ACB के अनुसार, जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपी भी जांच के दायरे में हैं। यह घटना छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है, जो आमजनों में विश्वास जगाने वाली साबित हो रही है।









