
*महात्मा ज्योतिबा फुले (जन्म: 11 अप्रैल 1827) ने महिला शिक्षा, जाति व्यवस्था के उन्मूलन, शूद्र-अतिशूद्रों के उत्थान और सामाजिक समानता के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। वे सत्यशोधक समाज के संस्थापक थे और अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर देश में महिलाओं के लिए पहला स्कूल स्थापित करने वाले अग्रणी समाज सुधारक थे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहे:
श्री रूपेंद्र पैकरा जी, प्रदेश उपाध्यक्ष — महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जीवनी एवं उनके क्रांतिकारी विचारों की विस्तृत व्याख्या की।
श्री ओम प्रकाश प्रधान जी, कार्यकारिणी सदस्य — फुले जी के समाज के प्रति योगदान पर प्रकाश डाला।
श्री वीर साय जी, जिला अध्यक्ष — क्रांतिकारी महात्मा को हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
श्री राम मूरत जी, महासचिव तथा परिषद के अन्य सदस्यगण भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
आदिवासी विकास परिषद के संगठन सचिव श्री गोवर्धन सिंह कंवर ने बताया कि यह आयोजन सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता के संदेश को आदिवासी एवं वंचित समाज तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आदिवासी विकास परिषद जिला कोरबा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महात्मा फुले के विचारों को जीवंत रखने और समाज में सामाजिक समरसता फैलाने का सराहनीय प्रयास साबित हुआ।
जय भीम! जय फुले!!









