
कोरबा, 13 फरवरी 2026 : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दो दिवसीय पाली महोत्सव 2026 के भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। 15 और 16 फरवरी को केराझरिया में होने वाले इस सांस्कृतिक उत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और यादगार बनाने हेतु विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास तेज हो गए हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने गुरुवार को आयोजन स्थल का सघन निरीक्षण कर तैयारियों का मिशन मोड में जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, बैठक व्यवस्था, वीआईपी सेक्शन, विभागीय स्टॉल, पार्किंग और बेरिकेडिंग जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की। कलेक्टर दुदावत ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “महोत्सव का प्रत्येक पहलू पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए आकर्षक और सुरक्षित होना चाहिए। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं और पीडब्ल्यूडी की टीमों की तैनाती सुनिश्चित करें।” इसके अलावा, पेयजल, शौचालय और कलाकारों के ठहरने की व्यवस्थाओं को भी सुचारू रखने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर ने 15 फरवरी की सुबह आयोजित होने वाली साइकिल रेस प्रतियोगिता और शाम को शिव मंदिर घाट पर प्रस्तावित भव्य शिव आरती एवं दीपोत्सव की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया। उन्होंने आपात परिस्थितियों के मद्देनजर एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों की पर्याप्त उपलब्धता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम रखा जाए।
सुरक्षा पर विशेष फोकस: पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की और पुलिस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था तथा भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी तिवारी ने बताया, “पूरे आयोजन के दौरान सतर्कता बरती जाएगी, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहे।” बेरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी और ट्रैफिक नियंत्रण को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर कटघोरा ओंकार यादव, एसडीएम पाली रोहित कुमार के अलावा शिक्षा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), खाद्य एवं अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। महोत्सव के जरिए स्थानीय कला-संस्कृति को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अंतिम तैयारियां पूरी करने के लिए समयबद्ध निर्देश दिए हैं।
यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनेगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास और सामुदायिक एकता को मजबूत करने का माध्यम भी सिद्ध होगा।









