
कोरबा, 30 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, जिला कोरबा (छ.ग.) द्वारा माता सावित्रीबाई फुले (भारत की प्रथम महिला अध्यापिका) एवं मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा (आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के जनक, झारखंड आंदोलन के प्रणेता एवं ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हॉकी कप्तान) की जयंती के अवसर पर एक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम विवरण:
दिनांक: 03 जनवरी 2026 (शनिवार)
समय : दोपहर 2:00 बजे से
स्थान: विश्व आदिवासी शक्ति पीठ, कोरबा (छ.ग.)
(यह विश्व का पहला ऐसा शक्तिपीठ है, जहाँ छत्तीसगढ़ की 36+ जनजातियाँ एक ही छत के नीचे अपने पूर्वजों एवं देवी-देवताओं की पूजा करती हैं – आदिवासी संस्कृति, एकता एवं परंपराओं का जीवंत केंद्र)
मुख्य विषय:
जल, जंगल, जमीन, संस्कृति एवं संविधान की रक्षा एवं पूर्वजों के सपनों वाली आदिवासी सत्ता की स्थापना हेतु आदिवासियों को जागरूक एवं संगठित करना।
यह कार्यशाला आदिवासी समाज के अधिकारों, सांस्कृतिक संरक्षण एवं सामाजिक जागरण पर केंद्रित होगी।
प्रमुख वक्ता:
- मुख्य वक्ता: श्रीमान के.आर. शाह जी
- (छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद प्रदेश अध्यक्ष एवं संपादक, आदिवासी सत्ता मासिक पत्रिका)
- वक्ता: इंजी. रुपेंद्र सिंह पैकरा जी
- (छत्तीसगढ़ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सचिव, आदिवासी शक्तिपीठ कोरबा)
- वक्ता: इंजी. सुभाष भगत जी
- (प्रथम विश्व आदिवासी शक्तिपीठ सचिव)
- अध्यक्षता: श्रीमान के.आर. राज जी
- (छत्तीसगढ़ जिला अध्यक्ष, आदिवासी विकास परिषद)
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा –आदिवासी अधिकारों के अग्रदूत:
माता सावित्रीबाई फुले –शिक्षा क्रांति की जननी:

आदिवासी एकता एवं सांस्कृतिक आयोजनों का प्रतीक:
विश्व आदिवासी शक्ति पीठ – कोरबा का पवित्र स्थल:

आयोजक: छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद, जिला-कोरबा (छ.ग.)
सभी आदिवासी भाई-बहनों, युवाओं, कार्यकर्ताओं एवं समाजसेवियों से अनुरोध है कि इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में सक्रिय रूप से भाग लें।
जय आदिवासी! जय मरांग गोमके! जय माता सावित्रीबाई फुले!









