
कोरबा (छत्तीसगढ़): साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) कोरबा क्षेत्र की सराईपाली खुली खदान में ठेका कंपनी VINAY KUMAR UPADHYAY द्वारा नियोजित श्रमिकों के खिलाफ गंभीर शोषण के आरोप लगाते हुए कोयला मजदूर पंचायत (HMS) ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 9 जनवरी 2026 को SECL कोरबा क्षेत्र में बड़े स्तर पर धरना, प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन पर होगी।
कोयला मजदूर पंचायत के केन्द्रीय उपाध्यक्ष गजेन्द्र पाल सिंह तंवर ने बताया कि सराईपाली खुली खदान में कोयला एवं मिट्टी खनन का काम करने वाली आउटसोर्सिंग कंपनी VINAY KUMAR UPADHYAY द्वारा श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन से काफी कम मजदूरी दी जा रही है। इसके अलावा कई अन्य गंभीर विसंगतियां मौजूद हैं, जैसे:
मनमाने ढंग से श्रमिकों को बार-बार काम से हटाया जाना, नियमित वेतन भुगतान में अनियमितता आवश्यक दस्तावेज और लाभों से वंचित रखना
संगठन ने पहले भी कई बार पत्राचार किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब बाध्य होकर आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
श्रमिकों ने निम्नलिखित 9 सूत्रीय मांग-पत्र प्रस्तुत किया है:
- सराईपाली खुली खदान में पूर्व में कार्यरत ड्राइवरों और आपरेटरों की पूर्ण बहाली।
- सभी ठेका श्रमिकों को निर्धारित वेतन का बकाया एरियर्स सहित भुगतान।
- सभी श्रमिकों को वेतन पर्ची प्रदान करना और पहचान पत्र जारी करना।
- टाइम ऑफिस में निर्धारित फॉर्म में नियमित हाजिरी सुनिश्चित करना।
- सभी श्रमिकों को CMPF (कोल माइनर्स प्रॉविडेंट फंड) का सदस्य बनाना, नियमित कटौती और अब तक की कटौती का हिसाब देना।
- सभी श्रमिकों का वीटीसी (Vocational Training Certificate) और PME (Periodic Medical Examination) सुनिश्चित करना।
- सभी को नियुक्ति पत्र एवं परिचय पत्र प्रदान करना।
- नियमानुसार छुट्टियां देना, बिना किसी भेदभाव के।
- कंपनी द्वारा संचालित अवैध कैंप को तत्काल बंद कराना।
- यह मामला कोरबा क्षेत्र की सराईपाली खदान में ठेका श्रमिकों के अधिकारों और श्रम कानूनों के उल्लंघन से जुड़ा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में सराईपाली सहित SECL की विभिन्न खदानों में
- ठेका श्रमिकों के शोषण, कम वेतन और अन्याय के खिलाफ कई बार आंदोलन हो चुके हैं (जैसे 2023 में इसी खदान में स्टारएक्स मिनरल्स कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन)।
यदि 9 जनवरी तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन कोयला उत्पादन पर गहरा असर डाल सकता है। श्रमिक संगठन ने SECL प्रबंधन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है ताकि श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहें और विवाद शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ सके।









