
दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़): कटेकल्याण में सरकारी वाहन दुर्घटना ने उठाए प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण क्षेत्र में एक सरकारी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने से प्रशासनिक जिम्मेदारी और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना अंबेडकर पार्क के निकट हुई, जहां महिला तहसीलदार के नाम से अंकित आधिकारिक वाहन तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया।
हादसे के समय वाहन में तहसीलदार मौजूद नहीं थीं, लेकिन वाहन पर उनका नाम स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने बताया कि वाहन चला रहे चालक और साथ मौजूद प्यून नशे की हालत में थे। दोनों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने बस स्टैंड क्षेत्र के पास महुआ शराब का सेवन किया था। नशे के कारण चालक का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वाहन तेजी से डिवाइडर से टकरा गया।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में नशे की पुष्टि हुई है। मामले में निम्नलिखित गंभीर पहलुओं की जांच की जा रही है:
- सरकारी वाहन का अनधिकृत और निजी उपयोग
- नशे की हालत में सरकारी वाहन चलाना
- सरकारी नियमों और अनुशासन का उल्लंघन
यह घटना न केवल प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी की कमी को उजागर करती है, बल्कि सरकारी वाहनों के गैरकानूनी इस्तेमाल की समस्या को भी सामने लाती है। स्थानीय निवासियों में इस मामले को लेकर भारी रोष है। लोग दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
ऐसी घटनाएं जनता के बीच सरकारी तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती हैं और सख्त नीतिगत कदमों की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।









