
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान खरीदी सीजन शुरू होते ही जंगली हाथियों ने एक बार फिर किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बंगुरसिया धान मंडी केंद्र में बीती रात हाथियों के दल ने भारी उत्पात मचाया। हाथियों ने मंडी में रखी 11 बोरी धान खा लिया, कुछ बोरी फैला कर बर्बाद कर दिया और पास के हाई स्कूल का गेट भी तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम करीब 7 बजे तीन जंगली हाथी जंगल से निकलकर बंगुरसिया धान खरीदी केंद्र के पास पहुंच गए। हाथी काफी देर तक मंडी परिसर के आसपास डटे रहे। मौका मिलते ही वे एक-एक कर धान की बोरियां उठाकर ले जाने लगे। रात भर में हाथियों ने 11 बोरी धान का सेवन किया और कई अन्य बोरियों को फैलाकर नुकसान पहुंचाया।
हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल (Elephant Friend Squad) के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेज आवाजें, टॉर्च की रोशनी और अन्य तरीकों से हाथियों को भगाने की कोशिश की। इसी दौरान एक हाथी मंडी के निकट स्थित हाई स्कूल तक पहुंच गया। उसने अपनी सूंड से स्कूल के चैनल गेट को तोड़ दिया, जिससे गेट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हाथी पूरी रात इलाके में डटे रहे और सुबह करीब 5 बजे जंगल की ओर लौट गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, मंगलवार रात तीन हाथी मंडी में सक्रिय थे, जबकि कुछ अन्य हाथियों का झुंड बंगुरसिया के बरझरिया मोहल्ला के पास जंगल में घूम रहा था।
यह पहली घटना नहीं है। सोमवार रात भी हाथियों ने इसी मंडी में भारी नुकसान किया था। उस रात उन्होंने 13 बोरी धान को नुकसान पहुंचाया, साथ ही सोलर पैनल और बोर पाइप को भी तोड़ दिया।
रायगढ़ वन मंडल के जंगलों में वर्तमान में कुल 41 हाथी अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे हैं। इनमें घरघोड़ा रेंज के बरौद बीट में 3 हाथी, चारमार बीट में 7 हाथी और रायगढ़ रेंज के पड़ीगांव बीट में सबसे अधिक 31 हाथी शामिल हैं। इन 31 हाथियों में 12 नर, 21 मादा और 8 बच्चे हैं।
धान खरीदी केंद्र जंगल के निकट होने के कारण हाथी नियमित रूप से यहां पहुंच रहे हैं, जिससे किसानों और मंडी कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और हाथियों को भगाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन बार-बार होने वाली इन घटनाओं से मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन ने आसपास के गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की है। स्थानीय निवासी हाथियों के कारण फसल और संपत्ति के नुकसान से परेशान हैं और प्रभावी समाधान की मांग कर रहे हैं। जांच और निगरानी जारी है।








