
*कोरबा। गेवरा कोल माइंस क्षेत्र में कार्यरत पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड (PNC Infratech Limited) पर श्रमिक शोषण, स्थानीय युवाओं की उपेक्षा और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगे हैं।
जिला पंचायत सदस्य एवं संचार-संकर्म समिति सभापति विनोद कुमार यादव तथा पार्षद सुजीत ने SECL गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मुख्य आरोप
जनप्रतिनिधियों ने 21 मार्च 2026 को दिए गए पत्र में निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
कंपनी पिछले पांच महीनों से मिट्टी और कोयला उत्खनन का कार्य कर रही है, लेकिन कर्मचारियों की नाम-पते वाली पूरी सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।
ड्राइवर, सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर और हेल्पर सहित सभी कर्मचारियों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
स्थानीय प्रभावित गांवों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहर से लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।
कोयला उत्खनन कार्य में लगे ड्राइवरों को निर्धारित HPC दर के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है।
श्रमिकों से 12-12 घंटे तक काम लिया जा रहा है।
विरोध करने वाले श्रमिकों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जा रही है।
कुछ श्रमिकों पर मारपीट और दबाव बनाकर काम कराने के भी आरोप लगे हैं।
चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के अंदर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कंपनी का पूरा काम बंद करा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी SECL प्रबंधन, जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होगी।
स्थानीय नाराजगी
स्थानीय बेरोजगार युवाओं में भी काफी रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित क्षेत्र के युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है, जबकि कंपनी बड़े पैमाने पर बाहरी लोगों को काम पर रख रही है।






