
रायपुर, 18 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ की राजधानी में आज सुबह से ही हंगामा मचा हुआ है। AIUTUC से संबद्ध छत्तीसगढ़ मितानिन-आशा यूनियन और संघर्षशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राजीव गांधी चौक पर भारी संख्या में इकट्ठा होकर जबरदस्त प्रदर्शन किया। सैकड़ों महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर जोर-जोर से नारे लगाए – “सम्मानजनक वेतन दो!”, “कर्मचारी का दर्जा दो!”, “मानदेय बढ़ाओ, अन्याय बंद करो!” – जिससे पूरा इलाका गूंज उठा।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि अगर मांगें तुरंत नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा – धरना, चक्काजाम से लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल तक कुछ भी संभव!
AIUTUC राज्य प्रभारी विश्वजीत हारोडे ने आग उगलते हुए कहा –
“1975 से चल रही आंगनबाड़ी योजना में आज भी कार्यकर्ता को सिर्फ 10 हजार और सहायिका को 5 हजार रुपए मानदेय मिलता है – ये न्यूनतम मजदूरी से भी कम है! सहायिका को तो न्यूनतम वेतन का एक तिहाई भी नहीं मिल रहा। देश में करोड़ों स्वयंसेवी/मानसेवी कर्मचारी सरकार का काम कर रहे हैं, फिर उनके लिए वेतन, DA, PF, ग्रेच्युटी, पेंशन का कोई कानून क्यों नहीं? सरकार उन्हें स्वयंसेवी बताकर ठेंगा दिखा रही है!”
संघर्षशील आंगनबाड़ी यूनियन की अध्यक्ष कल्पना चंद ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा –
“सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में ग्रेच्युटी देने का आदेश दिया, गुजरात हाईकोर्ट ने 2024-25 में कार्यकर्ता को तृतीय श्रेणी (24,800 रुपए) और सहायिका को चतुर्थ श्रेणी (20,300 रुपए) घोषित किया – लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने इन फैसलों को ठेंगा दिखा दिया! काम का बोझ 3-4 गुना बढ़ गया, 8 घंटे से ज्यादा ड्यूटी, लेकिन सम्मान और वेतन नहीं। हम मांग करते हैं – शासकीय कर्मचारी का दर्जा दो, तब तक कम से कम कार्यकर्ता को 24 हजार और सहायिका को 21 हजार रुपए मानदेय दो!
प्रदर्शनकारियों ने कहा – “हम ग्रामीण स्वास्थ्य, पोषण और महिलाओं-बच्चों की पहली पंक्ति में खड़ी हैं। कोविड में जान जोखिम में डालकर काम किया, लेकिन आज भी हमें भीख की तरह मानदेय दिया जा रहा है। अब और नहीं सहेगी!”
यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ में बढ़ते असंतोष का संकेत है। आंगनबाड़ी-मितानिन कार्यकर्ताओं के आंदोलन ने सरकार के सामने नया मोर्चा खोल दिया है। क्या सरकार अब जागेगी या फिर महिलाओं का आक्रोश और भड़केगा?
अधिक अपडेट के लिए बने रहिए…
#RaipurProtest #AnganwadiStrike #MitaninDemand #ChhattisgarhNews #WomenPower









