
मुंगेली, 19 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ ने जिला अध्यक्ष के निलंबन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघ ने निलंबन को एकपक्षीय, पक्षपातपूर्ण और कर्मचारियों की आवाज दबाने की साजिश करार देते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। इसी क्रम में आज (19 जनवरी) बिलासपुर संभाग स्तरीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का घेराव करने का फैसला लिया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में जबरदस्त हलचल मच गई है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, मुंगेली जिला बनने के बाद यह पहला मौका है जब किसी प्रशासनिक निर्णय के विरोध में इतना संगठित, व्यापक और लोकतांत्रिक स्तर का आंदोलन हो रहा है। घेराव में बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के जिलाध्यक्ष, अन्य पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी शामिल होंगे।
निलंबन का मामला क्या है?
स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ के मुंगेली जिला अध्यक्ष डोमप्रकाश कश्यप (आरएचओ, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, सुरदा) को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला शाह ने निलंबित किया था। संघ का आरोप है कि यह कार्रवाई व्यक्तिगत द्वेष, एकपक्षीय और नियम-विरुद्ध है। निलंबन के फैसले के बाद कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया है, जिसे वे मनमानी और पक्षपातपूर्ण मान रहे हैं।
संघ ने स्पष्ट कहा है कि यह मुद्दा केवल एक पदाधिकारी के निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कर्मचारी वर्ग के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई है। पदाधिकारियों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निलंबन निरस्त नहीं किया गया और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा। आने वाले दिनों में यह आंदोलन पूरे बिलासपुर संभाग में फैल सकता है।
प्रदर्शन की रणनीति
संघ ने जोर दिया है कि घेराव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और अपनी मांगें रखी जाएंगी। लेकिन यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे के कदम और सख्त होंगे। इससे पहले प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को चेतावनी जारी की गई थी कि घेराव में शामिल होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, जिसे संघ ने तानाशाहीपूर्ण बताया है।
यह आंदोलन स्वास्थ्य विभाग में सेवारत संविदा/स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारियों के बीच बढ़ते असंतोष को दर्शाता है, जो पहले भी विभिन्न मांगों (जैसे नियमितीकरण आदि) को लेकर सक्रिय रहे हैं। स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है।








