
सारंगढ़, 19 फरवरी 2026: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, सारंगढ़ (बिलाईगढ़) में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता स्थायी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा कार्ड (ABHA Card) के महत्व को समझाना और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा करना था। इस दौरान समिति के प्रमुख सदस्यों को आभा कार्ड वितरित भी किए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने बताया कि आभा कार्ड देशवासियों को डिजिटल हेल्थ आईडी प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह 15 अंकों का अद्वितीय नंबर होता है, जो स्वास्थ्य रिकॉर्ड को पूरी तरह सुरक्षित रखता है और विभिन्न अस्पतालों व डॉक्टरों के बीच आसानी से साझा करने योग्य बनाता है। कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड या मोबाइल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकता है। यह सुविधा पूरी तरह डिजिटल, सुरक्षित, निःशुल्क, गोपनीय और पेपरलेस है।
आभा कार्ड के प्रमुख लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि इससे सभी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जैसे एकीकृत स्वास्थ्य डेटा, टेस्ट रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन, वैक्सीनेशन इतिहास आदि एक ही जगह संग्रहित हो जाती है। इससे मरीजों को तत्काल लाभ मिलता है। विशेष रूप से, डॉक्टर कहीं भी क्यूआर कोड स्कैन करके मरीज का पूरा मेडिकल हिस्ट्री तुरंत प्राप्त कर सकते हैं, जिससे इलाज में देरी नहीं होती।
बैठक में जिला पंचायत के अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, सदस्य सुशीला साहू, अभिलाषा नायक एवं अन्य सदस्यों का आभा कार्ड पंजीकृत कर वितरित किया गया। चर्चा के दौरान आभा कार्ड के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि ग्राम स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा जा सके।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एफ. आर. निराला, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारी रामलाल सिदार, अवधेश पाणिग्राही, डीपीएम एन. एल. इजारदार, डीपीसी रोशन सचदेव, प्रभारी बीपीएम एवं विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने आश्वासन दिया है कि आगामी दिनों में इन शिविरों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आभा कार्ड का पंजीकरण अभियान तेज किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।









