Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

कोरबा में पेसा कानून के उल्लंघन का गंभीर आरोप: छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा, खनन परियोजनाओं पर रोक की मांग

Author Image
Written by
डी.के. सरजाल

 

कोरबा, 26 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम 1996 (पेसा कानून) के कथित उल्लंघन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद (जिला कोरबा) ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपकर जिले में चल रही खनन एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। परिषद का आरोप है कि ग्राम सभा की पूर्व सहमति के बिना भूमि अधिग्रहण, खनन और अन्य परियोजनाएं चल रही हैं, जो पेसा कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।

Advertisement Box

ज्ञापन की मुख्य बातें

परिषद के जिला अध्यक्ष वीरसाय धनवार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन (क्रमांक 111/जनवरी/2026, दिनांक 26/02/2026) में कोरबा जिले को पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाला अनुसूचित क्षेत्र बताते हुए कहा गया है कि यहां पेसा अधिनियम 1996 पूर्ण रूप से लागू है। लेकिन वास्तविकता में इसका पालन नहीं हो रहा। मुख्य मांगें निम्न हैं:

अदानी पावर (तत्कालीन लैंको/अदानी कोरबा पावर) द्वारा पटाड़ी (कोरबा) में चल रही विस्तार परियोजनाओं को रोकें। ग्राम सभा की पूर्व एवं स्पष्ट सहमति के बिना कोई आगे बढ़ोतरी न हो।

कोरबा जिले के पासान क्षेत्र के जलको में रंगटा कोल ब्लॉक (संभवत: रंगटा या समान कोल ब्लॉक) की मंजूरी बिना ग्राम सभा सहमति के न दें। खनन से पड़ने वाले दुष्प्रभावों का अध्ययन न करने पर परियोजना न शुरू करें।

भूमि अधिग्रहण, खनन, अन्य औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने पर पर्यावरण, विस्थापन, स्वास्थ्य, कृषि, जल स्रोत आदि प्रभावित होते हैं। ग्राम सभा को जन सुनवाई और विस्तार संचालन में शामिल किया जाना चाहिए।

पेसा कानून के तहत ग्राम सभा की पूर्व सहमति अनिवार्य है, बिना इसके कोई परियोजना नहीं चल सकती।

ज्ञापन में कहा गया है कि कोरबा जिला पूरी तरह पेसा प्रभावित क्षेत्र है, लेकिन यहां कानून का पालन नहीं हो रहा। परिषद ने जिला कलेक्टर को प्रतिलिपि भेजकर तत्काल कार्रवाई की अपील की है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

कोरबा जिला छत्तीसगढ़ का प्रमुख औद्योगिक एवं कोयला उत्पादक क्षेत्र है, जहां अदानी पावर की बड़ी इकाइयां और कई कोल ब्लॉक संचालित हैं। पिछले वर्षों में हसदेव अरण्य क्षेत्र (कोरबा-सुरगुजा सीमा) में अदानी समूह की परियोजनाओं (जैसे परसा ईस्ट केते बसन, परसा ओसीएम आदि) पर ग्रामीणों और आदिवासी संगठनों का विरोध रहा है। आरोप लगते रहे हैं कि ग्राम सभा की सहमति फर्जी दस्तावेजों से ली गई या बिल्कुल नहीं ली गई।

पेसा कानून (1996) अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को विशेष अधिकार देता है, जिसमें भूमि अधिग्रहण, खनन, छोटे जल स्रोतों पर नियंत्रण आदि शामिल हैं। उल्लंघन के मामले में कई बार अदालतों में याचिकाएं दाखिल हुई हैं, लेकिन कोरबा में यह मुद्दा बार-बार उछल रहा है।

परिषद का बयान

परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

कोरबा में धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती, मंत्री लखनलाल देवांगन ने दी श्रद्धांजलि
आज फोकस में

कोरबा में धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती, मंत्री लखनलाल देवांगन ने दी श्रद्धांजलि

महतारी वंदन योजना में तेज रफ्तार: ग्राम पंचायत डोंगरी (पंचायत भवन) में लगी महिलाओं की लंबी कतारें
आज फोकस में

महतारी वंदन योजना में तेज रफ्तार: ग्राम पंचायत डोंगरी (पंचायत भवन) में लगी महिलाओं की लंबी कतारें

📰 एक्सपर्ट टॉक सह विदाई समारोह संपन्न, विद्यार्थियों को मिला जीवनोपयोगी मार्गदर्शन
आज फोकस में

📰 एक्सपर्ट टॉक सह विदाई समारोह संपन्न, विद्यार्थियों को मिला जीवनोपयोगी मार्गदर्शन

कोरबा की धरती बनेगी भक्ति की पावन भूमि: जिला पंचायत सदस्य सुषमा रवि रजक की विशेष अपील
आज फोकस में

कोरबा की धरती बनेगी भक्ति की पावन भूमि: जिला पंचायत सदस्य सुषमा रवि रजक की विशेष अपील

कोरबा: मोबाइल से मिनटों में बनाएं आभा आईडी, स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखें
आज फोकस में

कोरबा: मोबाइल से मिनटों में बनाएं आभा आईडी, स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रखें

कोरबा में रजक परिवार का हर्षोल्लास: सपना की 13वीं और रवि रजक की 37वीं जन्मदिन पर संयुक्त उत्सव
आज फोकस में

कोरबा में रजक परिवार का हर्षोल्लास: सपना की 13वीं और रवि रजक की 37वीं जन्मदिन पर संयुक्त उत्सव

आज का राशिफल

वोट करें

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद दुनिया के सामने रोज बेनकाब हो रहे पाकिस्तान को दी गई एक अरब डॉलर की मदद पर क्या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष को फिर से विचार करना चाहिए?

Advertisement Box

बुधवार, 29 अप्रैल 2026

आज का सुविचार

किसी भी समस्या का अंतिम हल केवल 'माफी' ही है, चाहे वो आप किसी से मांग लें या किसी को माफ कर दें। यह आपके मन के बोझ को तुरंत हल्का कर देती है।

Advertisement Box

और भी पढ़ें

WhatsApp