
रायपुर, 27 दिसंबर 2025 – छत्तीसगढ़ की राजधानी में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है! कांकेर की हिंसा, धर्मांतरण विवाद और क्रिसमस के दौरान मॉल-चर्च में तोड़फोड़ जैसी घटनाओं के बाद सर्व समाज द्वारा बुलाए गए प्रदेशव्यापी बंद (24 दिसंबर) के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर जमकर बरसी। जिला कांग्रेस भवन में आयोजित जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा और आरएसएस पर समाज में जानबूझकर अशांति फैलाने और अराजक तत्वों को संरक्षण देने का बड़ा आरोप लगाया।
प्रेस वार्ता में रायपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री कुमार मेनन, ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस के तीखे हमले की मुख्य बातें:
पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भाजपा पर करारा कटाक्ष किया – “सत्ता में आने से पहले धर्मांतरण के खिलाफ कानून की बात करते थे, अब पूर्ण बहुमत के बावजूद ठोस कानून क्यों नहीं बनाया? जानबूझकर मुद्दा जिंदा रखकर समाज में विभाजन फैलाना चाहते हैं!”
प्रमोद दुबे ने कहा – “सर्व समाज के नाम पर बंद बुलाया गया, लेकिन कोई अधिकृत प्रतिनिधि सामने नहीं आया। चैंबर ऑफ कॉमर्स भाजपा का पिट्ठू बनकर काम कर रहा है। मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ करने वाले भाजपा नेता और विश्व हिंदू परिषद के लोग थे। केंद्र-राज्य दोनों में भाजपा सरकार, फिर धर्मांतरण पर स्पष्ट कानून क्यों नहीं?”
जिला कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने सबसे बड़ा बयान दिया – “छत्तीसगढ़ अब तालिबान शासन जैसा लग रहा है! प्रधानमंत्री का अपने अनुषांगिक संगठनों पर कोई नियंत्रण नहीं। कांकेर की शर्मनाक घटना और क्रिसमस मनाने वालों के साथ बर्ताव ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया।”
मेनन ने आगे आरोप लगाया – “छत्तीसगढ़ के मजदूर बाहर जाते हैं तो मॉब लिंचिंग का शिकार बनते हैं, लेकिन भाजपा-आरएसएस चुप! दुर्ग में नन की गिरफ्तारी के बाद भाजपा वाले खुद उन्हें छुड़ाने पहुंचे थे, अब वही दोहरा रवैया!”
कांग्रेस ने सरकार से मांग की:
धर्मांतरण मामलों के वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करें
इस मुद्दे पर श्वेत पत्र जारी करें
क्या अब आम नागरिक अपने त्योहार भी आजादी से नहीं मना सकते?
यह बंद प्रदेश में पहला ऐसा बंद बताया जा रहा है जिसमें कहीं भी कोई ज्ञापन तक नहीं सौंपा गया – सिर्फ तोड़फोड़ और अराजकता! कभी शांति का टापू कहलाने वाला छत्तीसगढ़ आज अशांति और भय के साये में है। क्या भाजपा सरकार समाज को एकजुट रखने में नाकाम साबित हो रही है?
हमारी टीम इस पूरे विवाद की हर अपडेट आपको सबसे पहले लाएगी। क्या यह राजनीतिक षड्यंत्र है या वाकई सामाजिक तनाव? कमेंट में अपनी राय दें और इस खबर को शेयर करके जागरूकता फैलाएं!
#Raipur #ChhattisgarhBandh #DharamAntaran #CongressVsBJP #LawAndOrder #KankerIncident #ChristmasVandalism #ChhattisgarhNews #BreakingNews #SargujaCrime








