
कोरबा, 29 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दंतैल हाथी का आतंक अब किसानों के लिए काल बन चुका है। करतला रेंज के सेमीपाली सर्किल में पिछले कई दिनों से विचरण कर रहा यह खूंखार दंतैल हाथी रात-दिन किसानों की मेहनत की फसलें उजाड़ रहा है। केला, गन्ना, सब्जियां – सब कुछ चट कर रहा है, जिससे गरीब किसानों की कमर टूट गई है।
बीती रात फिर मचा उत्पात
कल रात दंतैल हाथी ने नवाडीह गांव में तांडव मचाया। तीन ग्रामीणों के बाड़ियों में घुसकर सब्जी के पौधों को पूरी तरह तबाह कर दिया। सुबह उठकर किसान देखते ही रह गए – जहां हरा-भरा खेत था, वहां अब सिर्फ पैरों के निशान और बर्बाद फसलें बची हैं। प्रभावित किसानों ने बताया, “रात में सो नहीं पाए, सुबह उठे तो सब कुछ लुट गया। साल भर की मेहनत पर पानी फिर गया।”
वन विभाग पहुंचा, लेकिन राहत कहां?
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सुबह मौके पर पहुंची। रात के नुकसान का आकलन किया और रिपोर्ट तैयार की, जो जल्द ही उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। लेकिन किसानों का सवाल है – आकलन से क्या होगा? मुआवजा कब और कितना मिलेगा?
दंतैल हाथी का सफर – मौत का पैमाना
यह वही दंतैल हाथी है जिसने पहले कोरबा और कटघोरा में 3 लोगों की जान ली थी। अब करतला रेंज के जंगलों में डेरा डाल चुका है।
पहले 3 दिन बड़मार क्षेत्र में रहा
फिर पीडिया पहुंचा, एक दिन उत्पात मचाया
अब सेंद्रीपाली में जमकर डेरा जमा लिया
यहां पर्याप्त चारा-पानी और अनुकूल माहौल मिलने से हाथी यहां से जाने का नाम नहीं ले रहा। उधर कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज में भी बड़ी संख्या में दंतैल हाथी मौजूद हैं, जो शाम को जंगल से निकलकर आसपास की फसलों को लूटते हैं।
किसानों की फरियाद – “हमारी जिंदगी खतरे में”
स्थानीय किसान गुस्से और निराशा में हैं। एक किसान ने कहा, “हम दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन हाथी एक रात में सब कुछ खत्म कर देता है। सरकार मुआवजा देती है या नहीं, पता नहीं, लेकिन हमारी जिंदगी तो खतरे में है।” कई परिवारों की आर्थिक स्थिति डगमगा चुकी है।
प्रशासन से किसानों की मांग है कि तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं – चाहे हाथी को ट्रैक कर दूर भेजा जाए या तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए। अन्यथा यह समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थिति पर नजर बनी हुई है, अपडेट जारी रहेगा।









