
कोरबा, 03 जनवरी 2026 – नए साल के साथ ही कोरबा जिले में विकास की नई लहर दौड़ने लगी है। दिसंबर 2025 में दंतेवाड़ा से ट्रांसफर होकर आए 2017 बैच के IAS अधिकारी कुणाल दुदावत ने कार्यभार संभालते ही जिले के कायाकल्प के लिए ठोस प्लानिंग शुरू कर दी है। उनका विजन साफ है – हर हाथ को हुनर, हर जरूरतमंद को काम, और स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन से लेकर आदिवासी उत्थान तक हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति।
कोरबा, जो छत्तीसगढ़ का ऊर्जा हब माना जाता है, यहां दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खदानें, एनटीपीसी और अन्य पावर प्लांट्स हैं, लेकिन प्रदूषण, विस्थापन और स्थानीय बनाम बाहरी रोजगार की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कलेक्टर दुदावत ने खास बातचीत में इन चुनौतियों पर स्पष्ट रुख जाहिर किया।
स्थानीय युवाओं को स्किल्ड बनाकर रोजगार की समस्या का समाधान
उन्होंने कहा, “कोरबा मानव संसाधन से धनी है। उद्योगों में स्किल्ड लेबर के नाम पर बाहरी भर्ती की समस्या को खत्म करने के लिए माइनिंग और इंडस्ट्री के मुताबिक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे हर हाथ हुनरमंद बनेगा और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी।”
यहां कोयला खदानों और पावर प्लांट्स की तस्वीरें देखिए, जो कोरबा की औद्योगिक ताकत दिखाती हैं:
विस्थापन और भू-प्रभावितों के पेंडिंग मामलों का जल्द निपटारा
हाल ही में सरगुजा-रायगढ़ में खदानों के विरोध में हिंसा देखी गई, कोरबा में भी भू-विस्थापित आंदोलनरत हैं। कलेक्टर ने कहा, “एसईसीएल के मेगा प्रोजेक्ट्स देश की ऊर्जा जरूरत के लिए जरूरी हैं, लेकिन विकास स्थानीयों को साथ लेकर होगा। ज्वाइनिंग के साथ ही पेंडिंग मामलों की जानकारी ली गई है। एसईसीएल और राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जायज प्रभावितों को नियमों के अनुसार मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास जल्द मिले।”
स्वास्थ्य में बड़ा उछाल: सीटी स्कैन, एमआरआई और बेहतर सुविधाएं
ज्वाइनिंग के दूसरे दिन ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण कर कलेक्टर ने कमर कस ली। उन्होंने बताया, “अभी जांच के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़ता है। सीटी स्कैन का टेंडर प्रोसेस में है, जल्द शुरू होगा। एमआरआई और ऑपरेशन थिएटर में नए उपकरण व स्टाफ बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।”
शिक्षा, खेल और आदिवासी विकास पर फोकस
आदिवासी बहुल जिले में पंडो और पहाड़ी कोरबा जैसी विशेष जनजातियों के लिए बुनियादी सुविधाएं मजबूत की जाएंगी। शिक्षा में डिजिटल नीति, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षक पदस्थापना पर जोर। खेल में इंदिरा स्टेडियम में फ्लडलाइट बहाल करने की प्लानिंग है, साथ ही एक सर्व-सुविधायुक्त इंडोर स्टेडियम बनाने की तैयारी।
इंदिरा स्टेडियम की कुछ झलकियां:
Indira Gandhi stadium T.P. Nagar Korba …
पर्यटन में कोरबा की नई पहचान: ‘मिनी गोवा’ सतरेंगा को नया रूप
कोरबा की प्राकृतिक सुंदरता को पर्यटन से जोड़ने की दूरदर्शिता दिखाई। कलेक्टर ने कहा, “बांगो बैकवाटर से बने सतरेंगा, बूका और टिहरी सरई में वाटर स्पोर्ट्स, वाटर कॉटेज और एडवेंचर टूरिज्म विकसित किया जाएगा।” यह जगह पहले से ही ‘मिनी गोवा’ के नाम से मशहूर है।
सतरेंगा की खूबसूरती की झलकियां (बांगो बैकवाटर पर्यटन स्थल):
कलेक्टर दुदावत का मंत्र सरल लेकिन प्रभावी है – “लोगों का साथ लेकर ही विकास संभव है।” सहभागिता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता से आगे बढ़ते हुए कोरबा अब बदलाव की राह पर है। आने वाले समय में यह जिला न केवल ऊर्जा का हब, बल्कि समृद्धि, कौशल और पर्यटन का भी केंद्र बनेगा।
जय छत्तीसगढ़! जय कोरबा! 🌟🚀









