
रायगढ़ (छत्तीसगढ़), 3 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के तमनार ब्लॉक में 27 दिसंबर 2025 को जिंदल पावर की गारे पेलमा सेक्टर-1 कोयला खदान के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया।
12 दिसंबर से शांतिपूर्ण चल रहे आंदोलन में 14 प्रभावित गांवों के ग्रामीण जनसुनवाई को “फर्जी” बताकर रद्द करने की मांग कर रहे थे। 27 दिसंबर को पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को हटाने के प्रयास में स्थिति बिगड़ गई। भीड़ ने पथराव किया, कई पुलिस वाहन (बस, जीप, एम्बुलेंस) जला दिए और जिंदल की कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टर व अन्य सामान को आग लगा दी।
सबसे शर्मनाक घटना
ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया गया। वायरल वीडियो में दिखा कि कुछ लोगों ने उन्हें खेतों में घसीटा, दौड़ाया, वर्दी फाड़ी और अर्धनग्न कर दिया। पीड़िता रोते हुए हाथ जोड़कर मिन्नत करती नजर आईं। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम को भी महिलाओं ने लात-घूंसे मारे, जिससे वे बेहोश हो गईं। एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा सहित कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
पुलिस ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। विशेष टीम बनाकर तमनार व आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू की। अब तक कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें महिला आरक्षक के साथ बर्बरता के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। अन्य की तलाश जारी है। जेल परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल ने कहा, “वीडियो फुटेज से हर आरोपी की पहचान हो रही है। दोषियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी जांच के आदेश दिए हैं।
हिंसा के बाद प्रशासन ने जनसुनवाई रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की और ग्रामीणों के साथ बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराया। यह घटना महिला पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।









