
छत्तीसगढ़ में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि राज्य में पिछले दो सालों (भाजपा सरकार के कार्यकाल) में शराब, गांजा, अफीम, हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की लत युवा पीढ़ी में महामारी का रूप ले चुकी है।
शुक्ला के अनुसार, राजधानी रायपुर के नया राजधानी और वीआईपी रोड जैसे प्रमुख इलाकों में शाम ढलते ही युवा नशे की चपेट में दिखाई देते हैं। कई कैफे और आउटलेट युवाओं को नशा परोसने के केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस नशाखोरी रोकने के बजाय इसमें सहयोगी बन रही है, और सरकार व पुलिस की मिलीभगत के कारण ही नशे का कारोबार फल-फूल रहा है।
प्रमुख आरोप और दावे:
पाकिस्तान से ड्रग्स की सप्लाई: शुक्ला ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान से रायपुर तक हेरोइन और अन्य ड्रग्स कैसे पहुंच रहे हैं? इस कारोबार को किसके संरक्षण में चलाया जा रहा है? बिना सत्ता के संरक्षण के राजधानी में खुलेआम ड्रग्स नहीं बिक सकते।
कांग्रेस सरकार vs भाजपा सरकार: उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकार में नशे के कारोबार को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था। हुक्का बार बंद करवाए गए और सूखे नशे पर अंकुश लगाया गया। लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद दोबारा नशा फैल गया है।
तुलना अन्य राज्यों से: शुक्ला का कहना है कि भाजपा शासन में छत्तीसगढ़ नशे के मामले में पंजाब, गुजरात और पश्चिम बंगाल को भी पीछे छोड़ चुका है।
अपराधों में वृद्धि: नशे के कारण होटलों में मारपीट, चाकूबाजी और हत्याएं बढ़ रही हैं।
वास्तविकता और हाल के घटनाक्रम:
छत्तीसगढ़ में नशे की समस्या वाकई गंभीर बनी हुई है। 2025 में रायपुर पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत कई बड़ी कार्रवाइयां कीं, जिसमें हेरोइन, MDMA जैसी सिंथेटिक ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त हुई। जांच में पाकिस्तान, पंजाब और विदेशी सप्लायर्स (ऑस्ट्रेलिया, इटली) तक के लिंक सामने आए। पुलिस ने दर्जनों गिरफ्तारियां कीं और सप्लाई चेन को तोड़ने का दावा किया।
हालांकि, सोशल मीडिया पर सूखे नशे के वीडियो वायरल हो रहे हैं, और युवाओं में नशे से जुड़े अपराध बढ़े हैं। कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामी बताया है, जबकि भाजपा ने पलटवार में पुरानी कांग्रेस सरकार पर नशे को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
यह बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा लगता है, लेकिन राज्य में नशा मुक्ति और कानून-व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई की जरूरत सभी मान रहे हैं। युवाओं की सुरक्षा और भविष्य के लिए समाज, पुलिस और सरकार को मिलकर काम करना होगा।









