
कोरबा, 06 जनवरी 2026 – कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कुपोषण के खिलाफ युद्ध छेड़ते हुए सुपोषण चौपाल के माध्यम से कुपोषित बच्चों, किशोरी बालिकाओं और गर्भवती-शिशुवती महिलाओं के पोषण स्तर में तेजी से सुधार लाने पर जोर दिया।
जिला सभाकक्ष में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा की और कई प्रमुख बिंदुओं पर ठोस दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रमुख निर्देश और फैसले
कुपोषण मुक्ति अभियान: गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में अनिवार्य रूप से भर्ती कराना। एनआरसी का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के सख्त आदेश।
सुपोषण चौपाल: नियमित सुपोषण चौपाल आयोजित कर ग्राम पंचायतों में महिला सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों को शामिल करना। माताओं को घर-घर जाकर जागरूक करना और स्थानीय पौष्टिक आहार के सेवन की जानकारी देना।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना: अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने हेतु एएनसी पंजीयन तेज करने और समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश।
महतारी वंदन योजना: प्रत्येक माह भुगतान की जानकारी प्रेषित करना, अटके भुगतानों का तत्काल समाधान और ई-केवाईसी 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य।
आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन: समय पर गर्म नाश्ता, भोजन, टीएचआर वितरण, रेडी टू ईट सामग्री और शैक्षणिक गतिविधियों का नियमित संचालन। पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
बारिश से पहले नए भवन: भवनविहीन एवं जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची 15 दिनों में उपलब्ध कराने के निर्देश। बारिश से पहले अधिकतम केंद्रों को नए भवनों में शिफ्ट करने का लक्ष्य। जर्जर केंद्रों का फोटो सहित परीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
पालना केंद्र: रिक्त पदों पर 15 दिनों में भर्ती पूर्ण करना और लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए कार्यरत महिलाओं से नियमित बैठकें आयोजित करना।
बाल विवाह रोकथाम: जन-जागरूकता अभियान तेज करने, पिछड़े क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने और बाल विवाह मुक्त कोरबा-छत्तीसगढ़ बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को सक्रिय करने के निर्देश।
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड और बाल देखरेख संस्थाओं में शासन के सभी मानकों का पालन अनिवार्य है। साफ-सफाई, भोजन, आवास में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बच्चों के आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र, आयुष्मान कार्ड बनवाने तथा सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अधिक से अधिक बालिकाओं के खाते खुलवाने पर भी बल दिया।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री दिनेश कुमार नाग, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बसंत मिंज, विभिन्न परियोजना अधिकारी एवं सीडीपीओ सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









