
रायपुर, 18 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार देर रात (17 जनवरी) को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय में लगी भीषण आग ने पूरे प्रशासन और शिक्षा विभाग को झकझोर कर रख दिया। टैगोर नगर स्थित इस सरकारी दफ्तर के भंडार कक्ष (डॉक्यूमेंट स्टोर रूम) में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। लपटें इतनी तेज़ थीं कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दूर-दूर तक आग की चमक दिखाई देने लगी।
फायर ब्रिगेड की तीन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कर्मियों को घंटों की जोरदार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने में सफलता मिली। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन नुकसान बेहद भारी है।
सबसे बड़ा झटका: वर्षों से जमा महत्वपूर्ण दस्तावेज़, स्कूलों के रिकॉर्ड, शिक्षकों की फाइलें, छात्रवृत्ति, ट्रांसफर-पोस्टिंग और अन्य प्रशासनिक कागजात पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इनमें कई ऐसे रिकॉर्ड थे जिन्हें दोबारा बनाना लगभग असंभव या बहुत मुश्किल माना जा रहा है। शिक्षा विभाग के कामकाज पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आग लगने का कारण: प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। क्या यह महज लापरवाही थी या कोई बड़ी साजिश? यह सवाल अब पूरे छत्तीसगढ़ में गूंज रहा है।
घटना के बाद बिजली सप्लाई तुरंत काट दी गई ताकि आग और न फैले। पुलिस, फायर ब्रिगेड और वरिष्ठ अधिकारी रातभर मौके पर डटे रहे। स्कूल शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों ने तत्काल जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और अग्नि सुरक्षा मानकों की सख्ती पर अब गंभीरता से विचार शुरू हो गया है।
यह घटना एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में अग्नि सुरक्षा की कमी और पुराने रिकॉर्ड रखरखाव की लापरवाही को उजागर करती है। क्या इस हादसे के बाद विभाग सुधरेगा या फिर फिर कोई नई त्रासदी का इंतजार?
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