
रायपुर, 19 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा योजना को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाते हुए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बेमेतरा जिले के ग्राम पीपरभाठा से मोईनभाठा तक पदयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इससे पहले रायपुर, राजनांदगांव और बस्तर में भी ऐसी पदयात्राएं आयोजित की गईं, जहां बैज खुद शामिल हुए।
पदयात्रा के दौरान बैज ने कहा, “मोदी सरकार मजदूरों का रोजगार छीनना चाहती है। मनरेगा बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजी-रोटी का संकट गहरा जाएगा।” उन्होंने लोकसभा में पारित नए बिल को ‘झांसा’ बताते हुए कहा कि इससे दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना खत्म हो जाएगी। पहले 90% फंड केंद्र से आता था, लेकिन अब अनुपात 60-40 हो जाएगा। राज्य को पहले 50% मैचिंग ग्रांट जमा करनी होगी, जिससे वित्तीय बोझ बढ़ेगा और योजना धीरे-धीरे बंद हो सकती है।
बैज ने इसे महात्मा गांधी की सोच को खत्म करने की साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “मनरेगा संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत काम का अधिकार थी, लेकिन नया फ्रेमवर्क इसे केंद्र-नियंत्रित कंडीशनल स्कीम में बदल देगा। अब फंड खत्म होने या फसल सीजन में मजदूरों को महीनों काम से वंचित रखा जा सकता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि इससे गरीबों को भूखमरी का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में बेमेतरा जिला अध्यक्ष आशिष छाबड़ा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, विजय बघेल समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। कांग्रेस ने अभियान को राज्यव्यापी बनाने की योजना बनाई है, ताकि ग्रामीण मजदूरों को जागरूक किया जा सके।
यह अभियान ऐसे समय में तेज हुआ है, जब छत्तीसगढ़ में महिलाओं पर अपराध और नशे की समस्या पर भी भाजपा सरकार को घेरा जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि मनरेगा से करोड़ों ग्रामीण परिवार जुड़े हैं, और इसका बंद होना आर्थिक आपदा साबित होगा।
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