
रायपुर, 21 जनवरी 2026: कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि चांदी की कीमत पहली बार 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंचना मोदी सरकार के महंगाई नियंत्रण के दावों की पोल खोल रहा है। वर्तमान में चांदी 3,02,600 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर है, जो मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए सोना-चांदी खरीदना एक दूर का सपना बना रहा है।
राजपूत ने बढ़ती महंगाई को गरीब और मध्यम वर्ग के गाल पर जोरदार तमाचा बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता अब बच्चों की शादी के लिए चिंतित हैं – मंगलसूत्र, बिछिया, पायल जैसी सुहाग की निशानियां बजट से बाहर हो गई हैं। “बढ़ती महंगाई से गरीब क्या खाएगा और परिवार का पालन-पोषण कैसे करेगा?” – यह सवाल उठाते हुए उन्होंने मोदी सरकार के 100 दिनों में महंगाई कम करने के वादे को ‘जुमला’ करार दिया। प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाया कि वे बढ़ती कीमतों पर एक शब्द क्यों नहीं बोलते?
कांग्रेस प्रवक्ता ने केंद्र की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टैक्स कम करने के नाम पर जनता को लॉलीपॉप दिखाया गया, लेकिन महंगाई में कोई राहत नहीं मिली। खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। राजपूत ने एक पुराने कथन का जिक्र किया – “जैसे-जैसे रुपया गिरता है, प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा भी गिरती है।” उन्होंने अंध भक्तों को आड़े हाथों लिया कि वे महंगाई नहीं देखते, जबकि स्थिति ऐसी है कि दो वक्त की रोटी के लाले पड़ सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमीर और अमीर हो रहे हैं, जबकि गरीब और गरीब। “गरीबी हटाने की बात होती थी, लेकिन यहां गरीबों को ही हटाया जा रहा है।” बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है, और आंकड़े इसे छिपा नहीं सकते। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार महंगाई पर तत्काल कदम उठाए, अन्यथा जनता का गुस्सा फूटेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में महंगाई विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कारक जैसे मुद्रा अवमूल्यन और आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं भी कीमतों को प्रभावित कर रही हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।









