
रायपुर, 22 जनवरी 2026 – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। आज कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति (District Investment Promotion Committee) की द्वितीय बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में हुई। बैठक में जिले में उद्योग स्थापना से जुड़े निवेश और रोजगार के आंकड़ों की समीक्षा की गई, साथ ही लंबित प्रकरणों को तेजी से निपटाने पर जोर दिया गया।
बैठक की मुख्य बातें और आंकड़े
बैठक की शुरुआत मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र रायपुर एम.एस. पैकरा द्वारा विभागीय अधिकारियों के परिचय और उद्योग विभाग से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के साथ हुई।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रायपुर जिले में स्थापित 97 उद्योगों के माध्यम से हुए 1,059.53 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की जानकारी ली। इन उद्योगों से 2,464 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। यह आंकड़ा जिले में निवेश और रोजगार सृजन की सकारात्मक दिशा को दर्शाता है।
डॉ. सिंह ने विशेष रूप से शासकीय भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित 13 प्रकरणों का तत्काल निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्रकरणों को जल्द निपटाकर उद्योग स्थापना में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए, ताकि निवेशकों को समय पर सुविधाएं मिल सकें।
अन्य महत्वपूर्ण सुझाव और प्रस्ताव
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक विनित नायर ने सुझाव दिया कि उद्योग स्थापना से पहले निजी भूमि क्रय करते समय भूमि के विवादित या अवैध होने की पूरी जांच की जाए, ताकि भविष्य में कोई कानूनी समस्या न आए।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, रायपुर के कार्यपालन अभियंता प्रवीण कुमार शर्मा ने ‘प्लास्टिक पार्क, सरोरा’ जैसे नवीन औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए विद्युत सब-स्टेशन की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्रस्तावित और नए औद्योगिक पार्कों में अलग-अलग स्थल चिन्हित करने का सुझाव दिया।
बैठक में जिला पंचायत के सीईओ कुमार बिश्वरंजन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यह बैठक रायपुर को औद्योगिक हब बनाने और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की निवेश-प्रोत्साहन नीतियों को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशों से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे









