
कोरबा में साइबर क्राइम पर ‘डिजिटल किला’! पहला साइबर पुलिस थाना शुरू, 12 अफसरों की तैनाती से ठगी-फ्रॉड पर लगेगी लगाम
- कोरबा, 25 जनवरी 2026: डिजिटल दुनिया में बढ़ते अपराधों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। कोरबा जिले में **साइबर पुलिस थाना** की औपचारिक शुरुआत हो गई है, जो ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी की जांच को तेज-तर्रार बनाएगा। गृह (पुलिस) विभाग की अधिसूचना के तहत यह थाना **24 जनवरी 2026** से पूरी तरह प्रभावी हो चुका है।
पुलिस अधीक्षक **सिद्धार्थ तिवारी** ने बताया, “कोरबा जैसे औद्योगिक जिले में साइबर क्राइम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। यह नया थाना आम नागरिकों को तुरंत न्याय दिलाने का माध्यम बनेगा। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी शिकायत 48 घंटे के अंदर रजिस्टर हो और जांच शुरू हो जाए।” यह घोषणा **21 नवंबर 2025** की राज्य सरकार की अधिसूचना पर आधारित है, जो साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए की गई थी।
थाने का नेतृत्व और टीम का विवरण
साइबर पुलिस थाना कोरबा को मजबूत बनाने के लिए कुल **12 अधिकारियों और कर्मचारियों** की तैनाती की गई है। थाना प्रभारी के रूप में **उप निरीक्षक अजय सोनवानी** को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो पहले से साइबर सेल के इंचार्ज थे। उनकी विशेषज्ञता से थाने को नई दिशा मिलेगी।
टीम में शामिल प्रमुख सदस्य:
– **प्रधान आरक्षक**: दिलेश्वर सिंह कंवर, गुनाराम सिन्हा
– **आरक्षक**: सुशील यादव, आलोक टोप्पो, संजीव कुमार सिंह, श्याम कुमार सिदार, प्रशांत सिंह, रेणु टोप्पो, विरकेश्वर प्रताप सिंह, डेमन ओगरे, रवि कुमार चौबे
ये सभी अधिकारी साइबर फॉरेंसिक, डेटा एनालिसिस और डिजिटल ट्रेसिंग में प्रशिक्षित हैं। थाने में आधुनिक उपकरण जैसे सर्वर, सॉफ्टवेयर टूल्स और 24×7 हेल्पलाइन की व्यवस्था होगी।
क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?
कोरबा में पिछले एक साल में साइबर फ्रॉड के 500 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी जॉब स्कैम और सोशल मीडिया ब्लैकमेल जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। अब नागरिकों को नजदीकी थाने के बजाय सीधे साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी।
स्थानीय व्यवसायी संघ के अध्यक्ष **रामेश्वर पटेल** ने कहा, “यह थाना हमारे लिए वरदान है। पहले शिकायतें ऊपर भेजनी पड़ती थीं, अब लोकल स्तर पर ही न्याय मिलेगा। हम उम्मीद करते हैं कि इससे अपराध दर 30% तक कम हो जाएगी।”
नागरिकों के लिए खास टिप्स
– **शिकायत कैसे करें?** थाने का पता: कोरबा पुलिस मुख्यालय के पास, संपर्क: 100 या साइबर हेल्पलाइन 1930।
– **सावधानी**: अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP शेयर न करें, और संदिग्ध कॉल्स को रिपोर्ट करें।
– **जागरूकता अभियान**: थाना जल्द ही स्कूलों और कॉलेजों में वर्कशॉप शुरू करेगा।
यह पहल न केवल कोरबा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए मिसाल बनेगी। साइबर अपराधियों सावधान! पुलिस का ‘डिजिटल हंटर’ मोड ऑन हो गया है। 🚨🛡️💻









