
कोरबा, 11 फरवरी 2026
जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बुधवार को लाइवलीहुड कॉलेज का निरीक्षण कर विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, प्रगति और हितग्राहियों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेते हुए रोजगार-उन्मुख ट्रेड जोड़ने पर विशेष बल दिया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कॉलेज आगामी वर्ष में जॉब-ओरिएंटेड कोर्स जैसे डीजल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक और वेल्डर आदि शुरू करे, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
पीएम विश्वकर्मा योजना: टेलरिंग व्यवसाय को मिला बल
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत चल रहे टेलर (दर्जी) एडवांस्ड कोर्स के हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। हितग्राहियों ने बताया कि बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें एक लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया, जिसके सहारे उन्होंने अपना टेलरिंग व्यवसाय शुरू कर लिया है। सभी का उद्यम पंजीयन भी पूर्ण हो चुका है, और वे अब उन्नत स्तर का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
कलेक्टर ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक हितग्राही को प्रतिदिन 500 रुपये की दर से कुल 7,500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जो उनके व्यवसाय को स्थिरता प्रदान करेगी।
प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग: विद्यार्थियों को मेहनत और तनावमुक्त तैयारी की सलाह
कलेक्टर ने बालको द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) एवं छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (सीजी व्यापमं) की प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग क्लासों का भी अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों की उपलब्धता, अध्ययन सामग्री की गुणवत्ता और अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने जोर देकर कहा, “जीवन का यह सुनहरा समय है, इसे व्यर्थ न गंवाएं। नियमित अभ्यास और कड़ी मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।” उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव से दूर रहने और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी, ताकि युवा बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
कौशल विकास योजना में सुधार के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कॉलेज में वर्तमान में एक भी प्रशिक्षण बैच न चलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर न्यूनतम तीन नए बैच प्रारंभ करने के सख्त निर्देश दिए, ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचे।
आगामी कार्ययोजना: जॉब-रेडी ट्रेड और आधुनिक सुविधाएं
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना करने का आदेश दिया। उन्होंने डीजल मैकेनिक, मोटर मैकेनिक, ड्राइवर, फिटर और वेल्डर जैसे रोजगार-केंद्रित ट्रेड तत्काल शुरू करने पर जोर दिया, जो स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप होंगे।
इसके अलावा, कॉलेज परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने, अनुपयोगी सामग्री की नीलामी कराने तथा सभी कक्षाओं में नेमप्लेट लगाने के निर्देश भी जारी किए गए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसी सुविधाएं न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाएंगी, बल्कि कॉलेज को एक आदर्श संस्थान के रूप में स्थापित करेंगी।
यह निरीक्षण छत्तीसगढ़ सरकार की कौशल विकास और रोजगार सृजन की मुहिम को नई दिशा देगा। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि निर्देशों का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।








