
कोरबा, 12 फरवरी 2026: खरीफ फसल सीजन 2026-27 में किसानों को उर्वरकों की कमी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने इस वर्ष अग्रिम खाद उठाव की प्रक्रिया को काफी पहले शुरू कर दिया है। जहां पहले यह भंडारण मार्च से प्रारंभ होता था, वहीं इस बार 1 फरवरी 2026 से ही उर्वरकों का उठाव आरंभ हो चुका है। यह प्रक्रिया 31 मई 2026 तक चलेगी, जिससे किसानों को बुवाई के समय उर्वरक समय पर उपलब्ध हो सकें।
जिले को इस सीजन के लिए कुल 7,400 मैट्रिक टन उर्वरकों का लक्ष्य आवंटित किया गया है। अब तक सहकारी समितियों और डबल लॉक गोदामों में 1,802 मैट्रिक टन उर्वरक भंडारित हो चुके हैं। इनमें यूरिया का 806 मैट्रिक टन, डीएपी का 664 मैट्रिक टन, एमओपी का 200 मैट्रिक टन और एसएसपी का 132 मैट्रिक टन शामिल है। इसके अलावा, 1 फरवरी से ही किसान सहकारी समितियों के माध्यम से अग्रिम उठाव शुरू कर चुके हैं।
खरीफ सीजन की व्यस्तता के कारण अक्सर किसान समय पर उर्वरक नहीं उठा पाते, जिससे वितरण में देरी और शिकायतें बढ़ जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए उप संचालक कृषि श्री डी.पी.एस. कंवर ने जिले के सभी किसानों से अपील की है। उन्होंने कहा, “किसान भाइयों से निवेदन है कि वे अपने नजदीकी सहकारी समिति से अधिक से अधिक अग्रिम उठाव करें। इससे न केवल संभावित खाद संकट टाला जा सकेगा, बल्कि वितरण प्रक्रिया में अनावश्यक भीड़-भाड़ और अव्यवस्था भी नहीं होगी।”
यह कदम न केवल किसानों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि फसल उत्पादन में भी वृद्धि सुनिश्चित करेगा। कृषि विभाग के अनुसार, अग्रिम उठाव से किसान बुवाई से पहले ही आवश्यक मात्रा में उर्वरक जुटा सकेंगे, जिससे उनकी मेहनत व्यर्थ न जाए। जिला प्रशासन ने किसानों को जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान भी चलाने की योजना बनाई है।
किसान साथी अपनी नजदीकी समिति से संपर्क कर उठाव की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस पहल से जिले में उर्वरक वितरण की पारदर्शिता और दक्षता में काफी सुधार होगा।








