
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के नौहझील थाना क्षेत्र के अंतर्गत कटेलिया बाघई गांव में 15 फरवरी 2026 की सुबह एक बेहद क्रूर और सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। तीन महीने पहले सामूहिक विवाह योजना के तहत शादी कर ससुराल आई 20 वर्षीय नवविवाहिता करिश्मा की उसके देवर दीपक (23 वर्ष) ने आरी (या धारदार ब्लेड) से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद दीपक ने उसी हथियार से अपना गला काटने की कोशिश की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना का क्रम और विवरण
सुबह करीब 8:30 बजे घर में अन्य सदस्य खेत पर गए थे। घर में करिश्मा और दीपक अकेले थे। किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो तेजी से हिंसक झगड़े में बदल गया। दीपक ने अचानक करिश्मा पर हमला कर दिया और उसके गले पर कई बार धारदार हथियार से वार किया। करिश्मा काफी देर तक तड़पती रही, लेकिन मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हमले के बाद दीपक ने खुद को भी घायल कर लिया।
घायल दीपक को तत्काल आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई गई। करिश्मा के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
एकतरफा प्यार से नफरत तक का खौफनाक सफर
जांच में सामने आया कि दीपक करिश्मा की छोटी बहन से शादी करना चाहता था। उसने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन बहन ने साफ इनकार कर दिया। इस इनकार का गुस्सा दीपक ने अपनी भाभी करिश्मा पर निकाला। वह करिश्मा को जिम्मेदार ठहराने लगा। कुछ रिपोर्ट्स में छेड़छाड़ और गंदी नीयत का भी जिक्र है, जिसका करिश्मा ने विरोध किया था। यह एकतरफा आकर्षण धीरे-धीरे जहरीली रंजिश में बदल गया और आखिरकार क्रूर हत्या का रूप ले लिया।
सबूत मिटाने की साजिश और परिवार की भूमिका
हत्या के बाद परिवार के अन्य सदस्यों—पति प्रमोद, सास अंगूरी देवी और ससुर ज्वाला प्रसाद—ने घटनास्थल को साफ करने की कोशिश की। खून के धब्बे मिटाए गए, बिस्तर धोया गया और हथियार को चूल्हे की राख में छिपा दिया गया। पुलिस को अस्पताल से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची। संदेह होने पर फॉरेंसिक टीम बुलाई गई, जिसने खून से सने गद्दे और अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए।
मृतका के पिता ओमप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने दीपक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया, जबकि पति, सास और ससुर के खिलाफ साक्ष्य मिटाने के आरोप लगाए गए। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच और एसएसपी का बयान
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि जांच हर कोण से की जा रही है। दीपक के स्वास्थ्य में सुधार आने पर उससे गहन पूछताछ होगी। आसपास के ग्रामीणों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम और अन्य सबूतों के आधार पर जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
गांव में छाया मातम और समाज के लिए सबक
घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छा गया है। परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ग्रामीण इस बात से सदमे में हैं कि छोटी-छोटी रंजिशें और एकतरफा भावनाएं इतने खतरनाक रूप कैसे ले सकती हैं। यह मामला घरेलू हिंसा, महिलाओं की सुरक्षा, पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते जहरीलेपन और समय रहते हस्तक्षेप की कमी को एक बार फिर उजागर करता है।
ऐसी घटनाएं समाज को चेतावनी देती हैं कि पारिवारिक कलह को नजरअंदाज न किया जाए, वरना छोटी बातें बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और न्याय सुनिश्चित हो।








