
” कोरबा, 06 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भूमि सर्वेक्षण और राजस्व संबंधी कार्यों की प्रगति को तेज करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर शुक्रवार को जिला कार्यालय में राजस्व निरीक्षकों एवं पटवारियों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी तरूण कुमार किरण (आईएएस) ने की। बैठक में अपर कलेक्टर ओंकार यादव और भू-अभिलेख प्रभारी अधिकारी टी. आर. भारद्वाज भी मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य फोकस जिले में चल रहे मसाहती सर्वेक्षण कार्य पर रहा। जिले में कुल 113 मसाहती ग्रामों का सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। अधिकारियों को बताया गया कि इनमें से 8 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन (फाइनल पब्लिकेशन) और 12 ग्रामों का प्रारंभिक प्रकाशन (प्रिलिमिनरी पब्लिकेशन) पूरा हो चुका है। शेष ग्रामों में सर्वेक्षण कार्य जारी है।
उपस्थित राजस्व निरीक्षकों और हल्का पटवारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे ग्रामवार खसरा सत्यापन, प्रारंभिक एवं अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करें। साथ ही राजस्व अभिलेखों की स्वच्छ और सटीक प्रतियां तैयार करने पर जोर दिया गया।
प्रशासन ने सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब मसाहती ग्रामों के सर्वेक्षण की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा कलेक्टर स्तर पर की जाएगी। इस दौरान यदि अपेक्षित प्रगति नहीं मिलती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ अधिकारियों द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई है। इस आधार पर एक राजस्व निरीक्षक और 14 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice – SCN) जारी किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आगे भी प्रगति में कमी पाए जाने पर और कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
बैठक में अन्य महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई, जिनमें शामिल हैं:
- डीसीएस के अंतर्गत रबी फसल सर्वेक्षण
- सातवीं लघु सिंचाई संगणना
- डिजिटल किसान किताब
- सीमांकन कार्य
- वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा नामांतरण
- स्वामित्व योजना
- नक्शा बटांकन एवं नवीनीकरण
सभी संबंधित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
यह बैठक जिले में भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा है कि समय पर कार्य पूर्ण न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम नागरिकों को भूमि संबंधी मामलों में कोई असुविधा न हो।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि मसाहती ग्रामों का सर्वेक्षण जल्द से जल्द पूरा हो, जिससे भूमि मालिकों को स्पष्ट स्वामित्व और कानूनी सुरक्षा मिल सके।







