
: रायगढ़ (छत्तीसगढ़), 23 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अवैध अफीम (पोस्ता) की खेती के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस ने पिछले 72 घंटों में लगातार तीन बड़ी कार्रवाई की हैं, जिससे मादक पदार्थों के नेटवर्क में खलबली मच गई है। राज्य सरकार के सख्त निर्देशों के तहत चल रहे “ऑपरेशन आघात” के अंतर्गत ड्रोन सर्वे, गुप्त सूचनाओं और संयुक्त टीमों की त्वरित कार्रवाई से अवैध खेती का पर्दाफाश हुआ है।
प्रमुख कार्रवाइयाँ इस प्रकार हैं:
तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में सबसे बड़ी कार्रवाई:
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने लगभग 1 एकड़ (करीब 70-80 डिसमिल) जमीन पर फैली अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया। यहां से 60,326 अफीम के पौधे (लगभग 2,877 किलोग्राम वजन) और 3 किलोग्राम प्रोसेस्ड अफीम जब्त की गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। खेत में अफीम को तरबूज-ककड़ी जैसी सब्जियों के बीच छिपाकर उगाया जा रहा था। मुख्य आरोपी झारखंड के खूंटी जिले के मार्शल सांगा (40) को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथी फरार हैं। बाद में फरार आरोपी को भी झारखंड से पकड़ा गया। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
लैलूंगा के नवीन घटगांव में ड्रोन से खुलासा:
ड्रोन सर्वे के दौरान नवीन घटगांव में एक खेत में अफीम की खेती का पता चला। करीब 11×22 वर्ग फीट क्षेत्र में लगी फसल को जब्त कर लिया गया। दो आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि यह खेती किसान साध राम नाथ के खेत में की जा रही थी।
मुड़ागांव और अन्य क्षेत्रों में तीसरी कार्रवाई:
लैलूंगा के मुड़ागांव में भी अवैध अफीम की खेती पकड़ी गई, जहां आरोपी से पूछताछ जारी है। इन लगातार कार्रवाइयों से जिले भर में निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की अवैध गतिविधियों पर सतत नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से पूरे जिले की निगरानी तेज की गई है, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी नशे की खेती के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
इन कार्रवाइयों से स्थानीय लोगों में जागरूकता बढ़ी है, लेकिन साथ ही यह चिंता भी बढ़ा रही है कि अवैध अफीम की खेती का नेटवर्क कितना गहरा है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि जिला नशा मुक्त बने।
यह घटनाक्रम छत्तीसगढ़ में हाल के महीनों में सामने आए अन्य जिलों (जैसे दुर्ग, बलरामपुर) के अफीम खेती मामलों से जुड़ता नजर आ रहा है, जिससे राज्य स्तर पर बड़ी चिंता पैदा हो गई है।









