
*रायपुर, 18 अप्रैल 2026 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट हादसे को लेकर उद्योग जगत में बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा सांसद एवं जिंदल स्टील एंड पावर के चेयरमैन नवीन जिंदल ने वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। उन्होंने एफआईआर में अग्रवाल का नाम शामिल किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है।
जिंदल ने हादसे को “अत्यंत पीड़ादायक” बताते हुए कहा कि इस त्रासदी में 20 से अधिक परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, आजीविका सहायता और बेहतर पुनर्वास सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
नवीन जिंदल का मुख्य बयान
“जांच पूरी होने से पहले किसी शीर्ष उद्योगपति को बिना ठोस सबूत के आरोपी बनाना उचित प्रक्रिया के खिलाफ है। अनिल अग्रवाल जी ने एक साधारण पृष्ठभूमि से शुरू करके वैश्विक स्तर का उद्यम खड़ा किया है। प्लांट के दैनिक संचालन में उनकी प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी।”
नवीन जिंदल ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच दोहरे मानकों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सरकारी उपक्रमों, रेलवे या अन्य सार्वजनिक संस्थानों में हादसे होते हैं, तो शीर्ष अधिकारियों के नाम सीधे एफआईआर में नहीं डाले जाते। निजी क्षेत्र के साथ भी यही समान व्यवहार होना चाहिए।
उद्योग संगठनों से अपील
जिंदल ने CII, ASSOCHAM, FICCI, PHD Chamber और Indian Chamber of Commerce जैसी प्रमुख उद्योग संस्थाओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर मुखर हों। उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास बनाए रखना इन संगठनों की जिम्मेदारी है। “विकसित भारत” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए निष्पक्ष, भरोसेमंद और तथ्य-आधारित जांच प्रक्रिया जरूरी है, अन्यथा उद्योग क्षेत्र में निवेश प्रभावित होगा।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब सक्ती जिले के सिंहितराई स्थित वेदांता प्लांट में 14 अप्रैल 2026 को हुए बॉयलर विस्फोट में अब तक 20 से 22 मजदूरों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। पुलिस ने डभरा थाने में अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 8-10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।









