
*मुंगेली (छत्तीसगढ़), 18 अप्रैल 2026: अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई कर रही आबकारी विभाग की टीम पर शराब माफियाओं ने हमला बोल दिया। हमलावरों ने न सिर्फ सरकारी काम में बाधा डाली, बल्कि एक आरक्षक की वर्दी तक फाड़ दी। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और वर्दी का यह अपमान कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
घटना 16 अप्रैल 2026 को जरहागांव थाना क्षेत्र के ग्राम लोहराकापा में हुई। आबकारी वृत्त मुंगेली की टीम को मुखबिर की सूचना मिली थी कि गांव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब का भंडारण और बिक्री हो रही है। टीम जैसे ही मौके पर पहुंची और छापेमारी शुरू की, स्थानीय शराब तस्करों और उनके समर्थकों ने टीम को घेर लिया।
देखते-ही-देखते बहस मारपीट में बदल गई। हमलावरों ने आबकारी टीम के सदस्यों को धक्का-मुक्की शुरू कर दी। एक आरक्षक के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्होंने उसकी वर्दी के बटन तोड़ दिए और वर्दी फाड़ डाली। शराब तस्करों ने टीम को इतना दबाव बनाया कि उन्हें मौके से भागना पड़ा। यह महज एक साधारण झड़प नहीं थी, बल्कि सरकारी वर्दी और कानून की गरिमा पर सीधा हमला था।
हमले के बाद आबकारी विभाग के अधिकारियों ने तुरंत जरहागांव थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और लोक सेवक पर हमला करने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं।
आबकारी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हम डरने वाले नहीं हैं। अवैध शराब के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी। लोहराकापा की घटना में शामिल हर एक आरोपी को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। सरकारी वर्दी पर हाथ उठाना भारी पड़ेगा।”
पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय इस मामले की निगरानी कर रहा है। घटना के बाद मुंगेली जिले में अवैध शराब के ठिकानों पर संयुक्त छापेमारी तेज करने की तैयारी है। संवेदनशील गांवों में पुलिस का पहरा बढ़ाया जा सकता है और माफियाओं के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
यह घटना शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को उजागर करती है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो सरकारी कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है। पुलिस और आबकारी विभाग अब आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सक्रिय है।









