
@ कोरबा। साइबर अपराधियों को अपना बैंक खाता उपलब्ध कराना दो खाताधारकों को महंगा पड़ गया। साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में खातों के इस्तेमाल होने के मामले में पुलिस ने दोनों खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों ने लालच में आकर अपना बैंक खाता दूसरे व्यक्तियों को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। बाद में इन्हीं बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेन-देन के लिए किया गया। साइबर अपराध की जांच के दौरान खातों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने संबंधित खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या पैसे के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी जानकारी उपलब्ध न कराएं। किसी दूसरे व्यक्ति को अपना खाता इस्तेमाल करने देना भी कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
साइबर ठगी के मामलों में ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों से होकर गुजरी, इसकी जांच के दौरान ऐसे खातों की भूमिका भी सामने आती है। इसलिए बैंक खाते का इस्तेमाल केवल खाताधारक द्वारा वैध और अपनी जरूरतों के लिए ही किया जाना चाहिए।
पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने और संदिग्ध लेन-देन की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक एवं साइबर पुलिस को सूचना देने की अपील की है।







