
कोरबा (छत्तीसगढ़) में रविवार दोपहर एक दुखद औद्योगिक हादसा हुआ है। झाबू (नवागांव) गांव के पास सीएसईबी पश्चिम (एचटीपीपी) के राखड़ डेम का एक हिस्सा अचानक फट गया। इससे राख और मलबे का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसमें काम कर रहे एक जेसीबी ऑपरेटर मशीन समेत दब गया और उसकी मौत हो गई।
हादसे का विवरण
समय: रविवार (19 अप्रैल 2026) दोपहर करीब 12 बजे।
स्थान: कोरबा जिले के एचटीपीपी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नवागांव-झाबू।
घटना: डेम का हिस्सा फूटने से राख का सैलाब निकला। जेसीबी ऑपरेटर मौके पर मरम्मत या संबंधित कार्य कर रहा था, जो अचानक मलबे में समा गया।
राहत कार्य: हादसे के बाद अफरा-तफरी मची। दर्री पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। कुछ अन्य लोगों को बचा लिया गया, लेकिन एक की जान चली गई।
लापरवाही के आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि डेम में दबाव बढ़ने के संकेत पहले से मौजूद थे। फिर भी प्रबंधन ने समय पर कोई ठोस सुरक्षा कदम नहीं उठाए।
बांध की स्थिति जर्जर बताई जा रही है।
मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लग रहा है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे इसे व्यवस्थागत लापरवाही मान रहे हैं और प्रशासन से सख्त जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह हादसा कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में फ्लाई ऐश डेम की सुरक्षा, रखरखाव और मजदूरों की जान की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाता है। कोरबा में पहले भी राखड़ डेम से जुड़ी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जहां बारिश या रखरखाव की कमी से राख का मलबा गांवों और खेतों में फैलता रहा है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ/स्थानीय?
ऐसे डेमों में नियमित निरीक्षण, दबाव मॉनिटरिंग और मजदूरों के लिए उचित सुरक्षा उपकरण जरूरी होते हैं। हादसे में राहत कार्य में देरी के आरोप भी लगे हैं। अब निगाहें पुलिस जांच, सीएसईबी प्रबंधन की जवाबदेही और संभवतः मजदूर मुआवजे पर टिकी हैं।
यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल है। उम्मीद है कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए।









