
बिलासपुर में रेत माफियाओं पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’! वन विभाग ने 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मौके पर जब्त की, 11 घन मीटर अवैध रेत कब्जे में
बिलासपुर, 28 दिसंबर 2025 – छत्तीसगढ़ में वन मंत्री केदार कश्यप के सख्त निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड ने अवैध रेत उत्खनन पर ताबड़तोड़ कार्रवाई तेज कर दी है। अरपा नदी के किनारे माफियाओं की बेखौफ कमाई पर ब्रेक लगते हुए कोटा परियोजना मंडल की टीम ने कलमीटार बीट (कक्ष क्रमांक पी-1586) में गश्त के दौरान 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रेत लदी हालत में मौके पर जब्त कर लिया!
ये ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अवैध रूप से रेत खोद रहे थे, जिसमें कुल 11 घन मीटर अवैध रेत बरामद हुई। सभी वाहनों पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33 (1ख) के तहत वन अपराध दर्ज किया गया है। प्रकरण क्रमांक 87/18 बनाकर वाहनों को राजसात करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
खास बातें जो सामने आईं:
माफिया नंबर प्लेट हटाकर पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन चेसिस नंबर से परिवहन विभाग के जरिए मालिकों की जानकारी निकाली जा रही है।
यह कार्रवाई दिन-रात गश्त के सकारात्मक नतीजे हैं, जिससे वन सुरक्षा में सुधार दिख रहा है।
टीम का नेतृत्व परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी वैभव साहू ने किया, जबकि अभियान क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह और मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में चला।
प्रबंध संचालक प्रेमकुमार ने पूरी टीम को बधाई दी और प्रदेशभर में ऐसी ही सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए। अच्छा प्रदर्शन करने वालों का जिक्र आगामी गोपनीय प्रतिवेदन में होगा!
यह कार्रवाई राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है, जहां अवैध खनन, अतिक्रमण और कटाई पर लगातार नकेल कसी जा रही है। अरपा नदी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसी गतिविधियां पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाती हैं – नदी का बहाव बिगड़ता है, बाढ़ का खतरा बढ़ता है और जैव विविधता खतरे में पड़ती है।
वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में यह अभियान जारी रहेगा – रेत माफियाओं को अब कोई राहत नहीं मिलेगी!
प्रश्न उठता है: क्या यह कार्रवाई रेत माफियाओं की कमर तोड़ पाएगी, या फिर ये सिर्फ शुरुआत है? आगे की अपडेट्स के लिए बने रहें!







