
रायपुर, 29 अप्रैल 2026 — छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन ने मजदूर दिवस (1 मई) को रायगढ़ स्थित वित्त मंत्री कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया है। फेडरेशन नियमितीकरण, स्थायीकरण और श्रम अधिकारों की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने जा रहा है।
फेडरेशन का आरोप है कि चुनाव के दौरान सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण और स्थायीकरण के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन वादों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। प्रदेश संयोजक रामकुमार सिन्हा और संगठन मंत्री विजय पटेल ने कहा कि दैनिक वेतनभोगी, वाहन चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और स्कूल सफाई कर्मचारी लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित हैं। उन्हें न तो नियमित किया जा रहा है और न ही श्रम कानूनों के अनुसार उचित वेतन व सुविधाएं दी जा रही हैं।
संगठन ने कहा कि जब भी नियमितीकरण की बात उठती है, तो सरकार “बैकडोर एंट्री” और पुराने कानूनी मामलों का हवाला देकर कर्मचारियों को टाल देती है। जबकि हाल के न्यायिक फैसलों में साफ कहा गया है कि लंबे समय तक निरंतर सेवा देने वाले कर्मचारियों को नियमितीकरण से वंचित नहीं किया जा सकता।
10 सूत्रीय प्रमुख मांगें:
- दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण और स्थायीकरण
- श्रम कानूनों का सख्ती से पालन
- उचित वेतन वृद्धि और सुविधाएं
- ठेका प्रथा को समाप्त करना
- रिक्त पदों पर पहले दैनिक कर्मचारियों का समायोजन
- श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना
- मजदूर दिवस को शासकीय अवकाश घोषित करना
- मृतक कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता
फेडरेशन ने प्रदेशभर के सभी विभागों, निगमों और बोर्डों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से अपील की है कि वे 1 मई को रायगढ़ पहुंचकर घेराव कार्यक्रम को सफल बनाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द ही इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन को और अधिक तेज और व्यापक रूप दिया जाएगा।
यह घेराव कार्यक्रम मजदूर दिवस के मौके पर दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा और असंतोष को उजागर करता है। फेडरेशन का कहना है कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है।







