
,,कोरबा, 27 मार्च 2026 – कोरबा जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरतने के लिए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाए जा रहे “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत चौकी मानिकपुर (थाना कोतवाली) की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
पुलिस ने सूने मकान में हुई चोरी की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल लिया और चोरी का सारा मशरूका बरामद कर लिया गया।
चोरी की घटना
दिनांक 10 मार्च 2026 की सुबह 11 बजे से 12 मार्च 2026 की सुबह 8 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत चौकी मानिकपुर में एक सूने मकान का ताला तोड़कर अंदर घुसा। चोरों ने वहां रखे सोना-चांदी के जेवरात, नगदी राशि (लगभग 5000 रुपये), कांसा-पीतल के बर्तन, पूजा सामग्री, तांबे का लोटा, चांदी के सिक्के, सोने के बिस्किट और एक मोटरसाइकिल समेत कुल 2 से 3 लाख रुपये मूल्य का सामान चुरा लिया था।
प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोतवाली चौकी मानिकपुर में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी
- अरुण कुमार सतनामी (उम्र 22 वर्ष), निवासी बाराठर, जिला सक्ती (हाल निवास: हनुमान मंदिर के पास, रामपुर, कोरबा)
- देवेंद्र कुमार धीवर उर्फ अंडा (उम्र 20 वर्ष), निवासी जेंजपुर, जिला सक्ती (हाल निवास: पुराना शिव मंदिर के पास, चौकी मानिकपुर, कोरबा)
- आकाश यादव (उम्र 20 वर्ष), निवासी दर्री, जिला कोरबा (हाल निवास: आईटीआई रामपुर, क्वार्टर नंबर F-7, कोरबा)
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने चोरी की घटना कबूल की। उनके अलग-अलग मेमोरेंडम बयान दर्ज किए गए। चोरी का सारा सामान बरामद कर जप्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4), 305(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
नोट: इस मामले में पहले भी कुछ अन्य आरोपियों (आकाश मरावी, रोहित शर्मा एवं निखिल बर्मन) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अपने घरों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। खाली मकान या संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तुरंत निकटतम पुलिस थाने या चौकी को सूचना दें।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में “सजग कोरबा – सदर कोरबा अभियान” के तहत ऐसी कार्यवाहियां लगातार जारी रहेंगी।
यह कार्रवाई स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने और अपराधियों को सख्त संदेश देने वाली साबित हुई है।









