
* रायगढ़, 7 अप्रैल 2026 — छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक शातिर ठग ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम का फर्जी बहनोई बनकर बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर बड़ी ठगी की है। आरोपी ने मंत्रालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर सीधी भर्ती कराने का झांसा देकर कुल 22 लाख 70 हजार रुपये वसूल लिए।
ठगी कैसे की गई?
मुख्य आरोपी कुमार राम ठाकुर (60 वर्ष), महासमुंद जिले के भद्ररसी गांव का निवासी है। उसकी पत्नी सोहद्रा बाई ठाकुर (55 वर्ष) भी इस साजिश में शामिल है।
पीड़ित समारू राम टंडन (रायगढ़ के रामभांठा निवासी) ने पुलिस को बताया कि अप्रैल 2025 में वह रायपुर गया था। वहां जयस्तंभ चौक के पास उसकी मुलाकात कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी से हुई। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को कृषि मंत्री रामविचार नेताम का सगा बहनोई बताया और मंत्रालय में अपनी अच्छी पकड़ होने का दावा किया।
आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह युवाओं को डाटा एंट्री ऑपरेटर की नौकरी दिला सकता है। लालच में आए 4 युवाओं से पैसे कई किस्तों में वसूले गए:
- रायगढ़ आकर 4 लाख रुपये नकद लिए।
- ऑनलाइन और अन्य माध्यमों से 9.92 लाख रुपये।
- फिर 8.77 लाख रुपये।
- कुल राशि 22.70 लाख रुपये हो गई।
आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिखाए और ज्वाइनिंग के लिए “विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद” का बहाना बनाकर पीड़ितों को महीनों तक टालता रहा। एक बार तो उसने सभी पीड़ितों को अपने गांव भद्ररसी भी बुलाया था।
जब खुली आंखें…
काफी समय गुजर जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस हुए। तब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ। समारू राम टंडन ने रायगढ़ सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कुमार राम ठाकुर, उसकी पत्नी सोहद्रा बाई और एक अन्य सहयोगी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश आदि धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। तीनों आरोपियों की तलाश जारी है।
यह मामला बेरोजगारी का फायदा उठाकर राजनीतिक नाम का दुरुपयोग करने का एक और उदाहरण है। ऐसे फर्जी “रिश्तेदार” या “मंत्री के करीबी” वाले ठग अक्सर सरकारी नौकरी, प्रमोशन या काम का लालच देकर लोगों को लूटते हैं।
सलाह:
सरकारी नौकरी कभी भी किसी को पैसे देकर नहीं मिलती। सभी भर्तियां आधिकारिक वेबसाइट और प्रक्रिया से ही होती हैं। संदिग्ध प्रस्ताव आने पर तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग से सत्यापन करें।






