
*कोरबा (छत्तीसगढ़) — सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती और खाद्य विभाग की टीम से जांच कराई। जांच में कोरकोमा, खोड्डल और पटपरा की तीन उचित मूल्य दुकानों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार:
कोरकोमा उचित मूल्य दुकान (मां अन्नदात्री महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित):
197.45 क्विंटल चावल और 22.82 क्विंटल नमक का गबन पाया गया। फरवरी और मार्च 2026 में लगभग 435 हितग्राहियों को बायोमेट्रिक सत्यापन के बावजूद राशन नहीं दिया गया।
खोड्डल उचित मूल्य दुकान (गुरु घासीदास महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित):
334.98 क्विंटल चावल और 6 क्विंटल शक्कर का व्यपवर्तन (गबन) उजागर हुआ। दुकान नियमित रूप से नहीं खुलती थी और केवल कुछ दिनों में ही राशन वितरण किया जाता था।
पटपरा उचित मूल्य दुकान (पाली विकासखंड):
जनवरी 2026 में 422 हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा होने के बावजूद उन्हें समय पर राशन नहीं दिया गया। गबन की पुष्टि होने पर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इन मामलों में संबंधित स्व-सहायता समूहों के संचालकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया कि अन्य राशन दुकानों में भी शिकायतों की जांच जारी है।
विभाग का जवाब और आगे की योजना
खाद्य विभाग के अनुसार, जनवरी-फरवरी 2026 के लंबित राशन के वितरण की पूर्व में अनुमति दी जा चुकी थी, लेकिन कई दुकानों ने नियमों का पालन नहीं किया। मार्च 2026 के अवितरित राशन को अप्रैल माह में ई-पॉस मशीन के माध्यम से वितरित करने का प्रस्ताव खाद्य संचालनालय, नवा रायपुर को भेज दिया गया है। अनुमति मिलते ही लंबित राशन का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हितग्राहियों से अपील की गई है कि यदि उन्हें राशन नहीं मिल रहा है तो तुरंत स्थानीय खाद्य निरीक्षक या जिला खाद्य कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
यह घटना छत्तीसगढ़ में PDS व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों का राशन लूटने वालों के खिलाफ और सख्त एक्शन की मांग जोर पकड़ रही है।





