
*बालोद, 8 अप्रैल 2026: कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर जिले के उर्वरक विक्रय केंद्रों में भौतिक सत्यापन कराया गया। इसमें गत वर्ष की तुलना में यूरिया के अधिक उठाव के मामले सामने आए। सत्यापन के दौरान चार कृषि केंद्रों में उर्वरक यूरिया के भंडारण और वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन ने इनके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।
कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चन्द्राकर ने बताया कि 16 मार्च से 29 मार्च 2026 तक उर्वरक निरीक्षकों द्वारा विशेष भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान निम्नलिखित केंद्रों में अनियमितता मिली:
- सार्वा सेवा कृषि केंद्र, बेलौदी
- गांधी हार्डवेयर एवं कृषि केंद्र, गुण्डरदेही
- राठी रासायनिक खाद भंडार, अरमरीकला
- गांधी कृषि केंद्र, अरमरीकला
इन केंद्रों में यूरिया के भंडारण और वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं को स्टॉक जप्त, सुपुर्दगी और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उप संचालक चन्द्राकर ने स्पष्ट कहा कि उर्वरक यूरिया उठाव करने वाले सभी कृषकों का शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा होने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी। जिले के किसी भी उर्वरक विक्रय केंद्र में भंडारण या वितरण में अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने किसानों को उर्वरकों की सही और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान शुरू किया था। प्रशासन का साफ संदेश है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होगी।
यह कार्रवाई जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





