
* बेमेतरा। सरकार द्वारा सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन बेमेतरा जिले में कई गरीब और जरूरतमंद परिवार आज भी कच्चे एवं जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। इनमें दिव्यांग, बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हों0ने कई बार आवेदन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। बरसात के मौसम में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जर्जर मकानों में रहने के कारण हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पात्र हितग्राहियों के चयन और योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द पक्के आवास उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
वहीं, प्रशासन की ओर से समय-समय पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्र एवं अपात्र हितग्राहियों के सत्यापन, दावा-आपत्ति और सूची के अद्यतन की प्रक्रिया जारी रहने की जानकारी दी गई है। 
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी जरूरतमंद परिवारों का सर्वे कर उन्हें शीघ्र आवास योजना का लाभ दिया जाए, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।

बेमेतरा में आवास योजना पर






